गाजीपुर। आने वाले दिनों में नगर के ऐतिहासिक चीतनाथ गंगा घाट का कायाकल्प होगा। नगर पालिका प्रशासन की ओर से पहल करते हुए इसका प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रस्ताव को डीएम अविनाश कुमार के पास भेजा गया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
नगर पालिका प्रशासन की ओर से जो प्रस्ताव तैयार किया गया है, उसमें चीतनाथ गंगा घाट के समग्र विकास का खाका खींचा गया है। इसके कारण चीतनाथ गंगा घाट नए लुक में नजर आएगा। चीतनाथ गंगा घाट का मरम्मत कराया जाएगा। लंबे समय पहले निर्माण कार्य होने के कारण घाट के पटिया कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गईं हैं। गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल मिल सके, इसके लिए आरओ वाटर कूलर की व्यवस्था होगी। आने वाले श्रद्धालुओं के स्वागत के नजरिये से एक वेलकम गेट का निर्माण कराया जाएगा। एक बड़ा हॉल बनाया जाएगा। हाॅल में श्रद्धालु कथा सुन सकते हैं। साथ ही विधिविधान से श्रद्धालु दर्शन-पूजन कर सकते हैं। अब तक बारिश और धूप की स्थिति में श्रद्धालुओं को दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है। साथ ही घाट पर ट्यूरिस्ट केंद्र का निर्माण होगा। इसके माध्यम से श्रद्धालुओं को घाट की ऐतिहासिकता व पौराणिकता के बारे में जानकारी दी जाएगी। वहीं डीएम स्तर से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद नगर पालिका की ओर से इसका एस्टीमेट तैयार कराया जाएगा। नगर पालिका के ईओ धीरेंद्र कुमार राय ने बताया कि नगर के चीतनाथ गंगा घाट पर विकास के कई कार्य प्रस्तावित हैं। इससे श्रद्धालुओं को सहूलियत मिलेगी।
काशी में दशाश्वमेघ घाट की गंगा आरती विश्व प्रसिद्ध है। इसे देखने के लिए देश के कोने-कोने के साथ ही दुनिया के कई देशों से पर्यटक पहुंचते हैं। काशी की तर्ज पर जिले में गंगा आरती की शुरुआत कराने वाला पहला गंगा घाट चीतनाथ है। हर सोमवार की शाम को वैदिक मंत्रोच्चार संग विधिविधान से गंगा आरती की जाती है। इसमें सैकड़ों लोग शामिल होते हैं। गंगा आरती के कारण वातावरण भक्तिमय हो जाता है।