विद्यालय में प्रधानाध्यापक जितेंद्र कुमार से एक बार विद्यालय में बनने वाले भोजन की सामग्री पर कटौती के विषय में पूछ ली थी, जिससे वह नाराज हो गए और उसे रसोइया के पद से हटाना चाहते हैं। एक सप्ताह पहले बच्चों के विवाद को लेकर उन्होंने उसके बेटे आदित्य कुमार को विद्यालय से निकाल दिया। आरोप है कि प्रधानाध्यापक ने कहा कि बेटे को कहीं ले जाकर पढ़ाओ। इस विद्यालय में पढ़ने नहीं दूंगा।
महिला के मुताबिक प्रधानाध्यापक से ऐसा न करने के लिए उसने बहुत अनुनय-विनय किया, लेकिन वह नहीं मानें। उसने बीएसए से लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक से पत्र के जरिये इसकी शिकायत की। प्रकरण की जानकारी होने पर मंगलवार को दोपहर खंड शिक्षा अधिकारी हेमंत कुमार विद्यालय पहुंचे।
प्रधानाध्यापक छात्र और उसकी मां रसोइया रिंकू देवी से जानकारी ली। बीईओ ने बताया कि छात्र के शरारत करने पर प्रधानाध्यापक ने विद्यालय से निकाल दिया था। उसे विद्यालय आने के लिए बोल दिया गया है।
छात्र को भविष्य में ऐसी गलती न करने की हिदायत दी गई है। वहीं, बीएसए हेमंत राव ने बताया कि प्रकरण की जानकारी मिली है। इसके निस्तारण के लिए दो अप्रैल को बीईओ देवकली और मनिहारी को भेजा जाएगा।