गाजीपुर। विनीत राय हत्याकांड में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया एक लाख रुपये का इनामी आरोपी कमलेश चौधरी उर्फ कमलेश बिंद पहले से ही पुलिस के रडार पर था। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, मारपीट, धमकी, बलवा, आर्म्स एक्ट और आबकारी अधिनियम समेत कुल सात आपराधिक मुकदमे दर्ज थे। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. राकेश मिश्रा के अनुसार, कमलेश चौधरी के विनीत राय हत्याकांड में नामजद होने के बाद उसकी गिरफ्तारी के लिए जिले की पुलिस, स्वाट टीम और एसटीएफ लगातार दबिश दे रही थी। बुधवार की रात कुर्था आदर्श बाजार क्षेत्र में पुलिस से हुई मुठभेड़ में वह घायल हो गया। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के दौरान स्वाट टीम प्रभारी उपनिरीक्षक रोहित मिश्रा भी घायल हो गए। पुलिस ने कमलेश के कब्जे से पिस्टल, कारतूस और मोटरसाइकिल बरामद करने का दावा किया है।
सरगना व सदस्यों पर दर्ज हैं कई मुकदमे
गाजीपुर। 2024 में शंकर पांडेय और उसके साथियों पर शहर में विपिन नामक युवक को दौड़ाकर चाकू, लाठी और डंडों से हमला कर गंभीर रूप से घायल करने का आरोप लगा था। इसके बाद 5 सितंबर 2024 को शंकर पांडेय, कमलेश चौधरी और उनके दो अन्य साथियों पर एक कपड़ा व्यवसायी के अपहरण के प्रयास और जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज हुआ था। वहीं 12 दिसंबर 2025 को वैभव नामक युवक के साथ मारपीट कर पिस्टल की बट से हमला करने और उसका सिर फोड़ने का आरोप भी गैंग के सदस्यों पर लगा था। इसके अलावा 25 अक्टूबर 2025 और 9 मई 2025 को भी शहर के झुन्नूलाल चौराहे के पास हुई घटनाओं में गैंग के सदस्यों के नाम सामने आए थे। संवाद