जिले का पहला खुले में शौच मुक्त गांव कुर्था जिले का पहला गांव
कोटीकाया उर्फ कुर्था ग्राम के प्राथमिक विद्यालय परिसर में रविवार को एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जिलाधिकारी संजय कुमार खत्री ने इस ग्राम को खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ) घोषित किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि आज से कुर्था वह पहला ग्राम है जो जनपद का खुले में शौच मुक्त घोषित किया जा रहा है।इस मौके पर विशिष्ट अतिथि मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डेय ने कहा कि कुर्था के बारे में स्वामी विवेकानन्द की पुस्तक में पवहारी बाबा की चर्चा की गयी है।
आज यह गांव ओडीएफ घोषित हुआ है । इस अवसर पर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अन्तर्गत स्वच्छ गाजीपुर सुंदर गाजीपुर की कल्पना को साकार करने के लिए खुले में शौच मुक्त कराने के लिए जो अभियान चलाये जा रहे हैं उस कड़ी में यह ग्राम जनपद में प्रथम स्थान पर है तथा यहां के नागरिक भी प्रथम स्थान पर हैं। राम के गणमान्य नागरिकों ने ग्राम में स्थित पोखरे का जीर्णोद्धार करने, ग्राम में बहने वाले नाले को बंद करवाने एवं स्कूल के पास खाली पड़ी जमीन की चहारदीवारी निर्माण के बाबत जिलाधिकारी से अनुरोध किया जिस पर जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि गांव में जो भी कमियां हैं उसकी लिस्ट बना लें उसी के अनुरूप जितना हो सकेगा कार्य किया जायेगा।
इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी ने दीप प्रज्वलित कर किया। जिलाधिकारी ने निगरानी समिति के पुरुष एवं महिला सदस्यों को विसिल, टोपी एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। ग्राम प्रधान छाया सिंह के निर्देशन में यह निगरानी समिति कार्य कर रही है।कार्यक्रम के बाद जिलाधिकारी ने प्राथमिक स्कूल परिसर में पौध रोपण किया। निगरानी समिति के सदस्यों एवं आम नागरिकों की तरफ से गौरव यात्रा गांव में निकाली गयी।
जिलाधिकारी ने पवहारी बाबा आश्रम में प्रत्येक स्थलों पर जाकर पूजा-अर्चना की। कार्यक्रम का संचालन रण विजय सिंह ने किया।