कांवेंट स्कूलों की तर्ज पर परिषदीय विद्यालयों की सूरत बदलने का कार्य किया जा रहा है। इस क्रम में जिले के 101 स्कूलों को अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की ओर से गोद लिया गया है। अब वह इन विद्यालयों का कायाकल्प कराएंगे।
प्राथमिक शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने के साथ ही विद्यालयों की तस्वीर बदलने के लिए शासन की ओर से सभी जतन किए जा रहे हैं। जिले में 2269 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें 1468 प्राथमिक, 352 उच्च प्राथमिक तथा 449 कंपोजिट विद्यालय हैं। इन विद्यालयों को अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों के समकक्ष बनाने के लिए आपरेशन कायाकल्प के तहत आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी है। हालांकि इसमें टाइल लगाने आदि का कार्य धीमी गति से चल रहा है।
इसी क्रम में विद्यालयों में सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हें आकर्षक रूप प्रदान करने के लिए अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की तरफ से उन्हें गोद लिया गया है। फिलहाल 101 विद्यालय गोद लिए गए हैं। आने वाले दिनों में गोद लिए जाने वाले स्कूलों की संख्या में इजाफा होने की उम्मीद है। इस संबंध में बेसिक शिक्षाधिकारी हेमंत राव ने बताया कि विद्यालयों के सुंदरीकरण एवं शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की ओर से 101 विद्यालयों को गोद लिया गया है।