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सुंदर लिखावट पर परीक्षार्थी को मिलेगा एक अंक अतिरिक्त

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गाजीपुर। माध्यमिक शिक्षा परिषद की वर्ष-2022 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन शनिवार से शुुरू हो गया है। प्रत्येक प्रश्न का स्टेप बाई स्टेप मार्किंग करना होगा। उत्तर की सुंदर लिखावट पर एक अंक अतिरिक्त प्रदान किया जाएगा। गणित और विज्ञान विषय की उत्तर पुस्तिकाओं में अगर उसके बाएं पृष्ठ पर उत्तर लिखे हों तो उसका भी मूल्यांकन किया जाएगा। प्रश्नपत्र में अगर पाठ्यक्रम से इतर अथवा त्रुटिपूर्ण प्रश्न पूछे गए हों और उसे परीक्षार्थी द्वारा हल करने का प्रयास किया गया हो या प्रयास न किया गया हो तो इन दोनों परिस्थितियों में उस प्रश्न के पूर्ण अंक परीक्षार्थी को प्रदान किए जाएंगे।
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कोरोना काल में 30 प्रतिशत पाठ्यक्रम कम कर दिए गए थे। कम किए गए पाठ्यक्रम से भी प्रश्न पूछे गए हैं। वस्तुनिष्ठ प्रश्नों के सही उत्तर पर एस का चिन्ह लगाकर पूर्ण अंक देने का निर्देश है। गलत उत्तर पर क्रास करते हुए शून्य अंक अवश्य अंकित किया जाएगा। इस तरह के निर्देश परिषद के सचिव दिव्यकांत शुक्ल की ओर से सभी डीआईओएस और जेडी को भेजे गए पत्र में दिए गए हैं। यह जानकारी माध्यमिक शिक्षा परिषद क्षेत्रीय कार्यालय वाराणसी के एक अधिकारी की ओर से दी गई है।
उन्होंने बताया कि सचिव के निर्देश पत्र में प्रश्नों का मूल्यांकन स्टेप बाई स्टेप करने को कहा गया है। जैसे अगर किसी प्रश्न पर क्रमश: 1+ 1+1 = 3 अंक निर्धारित है। उसमें से परीक्षार्थी ने दो सही और एक गलत हल किया है तो उसे पहले दो के लिए 02 अंक दिया जाएगा और गलत के लिए 0 अंक दिया जाएगा। जबकि पूर्व में अक्सर देखा गया है कि परीक्षक गलती करते हुए ऐसे प्रश्नों पर 01 और 0 अंक दिए हैं। यह गलती नहीं होनी चाहिए। अगर किसी परीक्षार्थी ने प्रश्नों का उत्तर सुंदर लिखा है यानी कि उसकी लिखावट सुंदर है तो उसे एक अंक अतिरिक्त देने की व्यवस्था की गई है। यह अतिरिक्त अंक प्रदान करते समय इस बात का ध्यान रखना होगा कि परीक्षार्थी का प्राप्तांक प्रश्नपत्र पर निर्धारित पूर्णांक से अधिक न हो जाए। बताया कि अक्सर यह देखा जाता है कि परीक्षकों द्वारा उत्तर पुस्तिका पर प्रदत्त अंकों को ओएमआर शीट पर अंकित करते समय गलतियां की जाती हैं। इससे मूल्यांकन की शुचिता पर प्रश्न चिह्न लग जाता है। अगर इस बार इस तरह की गलती परीक्षकों की तरफ से की गई तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया इन निर्देशों की जानकारी उप प्रधान परीक्षक और परीक्षकों को अनिवार्य रूप से कराना होगा।
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