मेडिकल कॉलेज में कार्य बहिष्कार में शामिल एआरटी, आईसीटीसी, एसटीआई और ओएसटी सेंटर के कर्मचारी। स
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गाजीपुर। मेडिकल कॉलेज सहित जिले के सभी एआरटी, आईसीटीसी, एसटीआई और ओएसटी सेंटरों के कर्मचारियों ने हाथों पर काली पट्टी बांधी। साथ ही शुरुआती दो घंटों तक कार्य बहिष्कार किया। कर्मचारियों ने जल्द ही मांगों के पूरा नहीं किए जाने पर संपूर्ण कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है।
उत्तर प्रदेश एड्स कंट्रोल सोसाइटी कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष इकराम गांधी ने बताया कि जिले में एड्स के रोकथाम के लिए एआरटी, आईसीटीसी, एसटीआई और ओएसटी सेंटरों में करीब 30 कर्मी कार्य कर रहे है। एड्स नियंत्रण के कर्मचारी लंबे समय से केंद्र सरकार के अनापत्तिप्रमाण पत्र के आधार पर यह नियमितीकरण या अधिवर्षता आय तक जॉब सुरक्षा और तीन वर्षों से लंबित 20 फीसदी अतिरिक्त मासिक पारिश्रमिक की पत्रावली का निस्तारण की मांग कर रहे हैं। एनएचएम कर्मियों की तरह ग्रुप टर्म इंश्योरेंस का लाभ और तीन वर्षों में निकाले गए सभी कर्मचारियों का कोर्ट केस खत्म कर उनका समायोजन किया जाए। एड्स नियंत्रण में 10 वर्ष पूरे कर चुके कर्मियों को नियमित भर्तियों में अतिरिक्त अंक और आयु सीमा में पांच वर्ष की छूट भी प्रदान किए जाने जैसी अन्य प्रमुख मांगें लंबित पड़ी हुई है। इसको लेकर मेडिकल कॉलेज के 17 कर्मियों सहित पूरे जिले के 30 कर्मचारी चरणबद्ध तरीकों से अपना विरोध जता रहे हैं।
14 तक करेंगे कार्य बहिष्कार
उन्होंने बीते पांच से 11 अक्तूबर के बीच हाथों पर काली पट्टी बांधकर सांकेतिक विरोध प्रदर्शन किया गया। सरकार की मांगें पूरी नहीं करने पर 12 अक्तूबर से आंदोलन के दूसरे चरण की शुरुआत हुई। इसके तहत सभी कर्मचारी अपनी ड्यूटी के प्रारंभिक दो घंटों के कार्य का बहिष्कार किया। यह सिलसिला 14 अक्तूबर तक चलेगा। इसके बाद भी हमारी मांगें पूरी नहीं हुई तो 15 अक्तूबर से कार्य का संपूर्ण बहिष्कार कर सभी सदस्य अनिश्चितकाल के लिए लखनऊ के ईको गार्डेन में होने वाले धरने में शामिल होंगे। इस मौके पर ओएसटी सेंटर के मेडिकल ऑफिसर डॉ. सिद्धांत राज, एआरटी सेंटर के मेडिकल ऑफिसर डॉ. एसटी खान, प्रवक्ता मो. सलमान, राहुल पांडेय, राहुल मौर्या आदि मौजूद रहे।