अपनी लंबित मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले तीसरे दिन बुधवार को भी शिक्षकों ने बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन नहीं किया।
धरनास्थल पर एकजुट होकर शिक्षक डटे रहे। उनका साफ कहना था कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं की जाएंगी, वह उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन नहीं करेंगे। जरूरत पड़ने पर आंदोलन और तेज करेंगे।
धरना सभा को संबोधित करते हुए शिक्षक नेता रामानुज सिंह ने कहा कि सरकार की वादाखिलाफी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हक के लिए आरपार की लड़ाई लड़ी जाएगी।
जब तक मांगें पूरी नहीं की जाएंगी, उनका आंदोलन जारी रहेगा। शिक्षक नेता विनोद सिंह ने कहा कि चाहे जो भी परिस्थितियां आएंगी मांगों के पूरा होने तक हम पीछे हटने वाले नहीं हैं।
अन्य शिक्षक नेताओं ने शिक्षकों की लंबित मांगों वित्तविहीन शिक्षकों को घोषित मानदेय का भुगतान, तदर्थ शिक्षकों का विनियमितीकरण, एक अप्रैल 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों को पेंशन की सुविधा प्रदान करने, सीटी संवर्ग के शिक्षकों को एलटी संवर्ग में संविलय तथा बोर्ड परीक्षाओं में कार्य किए हुए शिक्षकों-कर्मचारियों के पारिश्रमिक का भुगतान तत्काल करने की मांग की।
माध्यमिक शिक्षक संघ के पूर्व जिलाध्यक्ष अशोक कुमार राय ने कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय संबंधी शासनादेश तत्काल जारी किया जाए।
धरना सभा में वित्तविहीन शिक्षक संघ के महामंत्री रामबदन यादव, सरोज श्रीवास्तव, राणा प्रताप सिंह, विजय कुमार मुधरेश, डा. तुंगनाथ पांडेय, सूर्यनाथ सिंह यादव, सौरभ पांडेय, कैलाश सिंह यादव, विजय कुमार श्रीवास्तव, रियाज अहमद, मुहम्मद कुरैशी, श्रीराम सिंह, निराला राय, रमाशंकर लाल, बसंत सिंह, संतोष कुमार चौबे, श्यामलाल यादव, चंद्रमोहन पांडेय, अचलेंदर सिंह, राजेन्द्र प्रसाद गुप्त, रामहति राम, हरेराम यादव, दिनेशदत्त राय, दिनेश सिंह, तुलसी पासवान, स्वामीनाथ, चन्द्रमोहन सिंह, व्यासमुनि राय, मुहम्मद अहद, राजनारायण सिंह आदि ने विचार व्यक्त किया।