सुहवल थाना क्षेत्र के सुहवल गांव निवासी एवं दिल्ली में एक कंपनी में प्राइवेट कार्यरत अखिलेश कुशवाहा (48) की सोमवार को दिल्ली में मौत हो गई थी। मंगलवार को शव एंबुलेंस से जैसे ही गांव पहुंचा चीख पुकार मच गई। युवक ने छठ पूजा पर घर आने की बात कही थी।
पत्नी रिंकू देवी समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा जिन्हें सांत्वना देने के लिए अगल-बगल के लोग लगे रहे, लेकिन परिजनों के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहा था। वहीं, पूरे गांव में सन्नाटा पसरा रहा। मृतक का अंतिम दाह संस्कार मेदनीपुर श्मशान घाट पर गंगा किनारे किया गया। बडे़ पुत्र छोटू के पिता को मुखाग्नि देते ही सबकी आखें नम हो गई।
मृतक के अधिवक्ता बड़े भाई लालू कुशवाहा ने बताया कि वह सात भाई हैं। अखिलेश सबसे छोटा था। बताया कि अखिलेश दिल्ली के एक कंपनी में प्राइवेट नौकरी कर परिवार का जीविकोपार्जन चलाता था। एक दिन पहले उसकी तबीयत खराब हो गई। इसी बीच, दिल्ली में ही फ्लैट में ड्यूटी जाने से पहले अचानक चक्कर खाकर गिर पड़ा। इससे उसके सिर में गंभीर चोट लग गई।
बडे़ भाई ने बताया कि इसके बाद वहां मौजूद लोगों ने उसे अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
अधिवक्ता भाई ने बताया कि इसके उपरांत शव मंगलवार को गांव पहुंचा। बताया कि अखिलेष को एक पुत्र छोटू और एक पुत्री छोटी है। दोनों पढ़ रहे हैं। बताया कि उसके भाई ने डाला छठ में आकर पूजा में सम्मिलित होने के लिए कहा था,लेकिन शायद ईश्वर को कुछ और ही मंजूर था।