गाजीपुर। परिषदीय विद्यालयों में पीएम पोषण (मध्याह्न भोजन) योजना के तहत कार्यरत रसोइयों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण फिल्म के माध्यम से विद्यालय स्तर पर प्रदान किया जाएगा। इसमें रसोइयों को जानकारी दी जाएगी कि मेन्यू के अनुसार निर्धारित दिवस पर रोटी अवश्य बनाई जाए। यह ध्यान दिया जाए कि रोटी न तो कच्ची रहे और न जली हो। यही नहीं बच्चों को भोजन परोसने से पहले रसोइया, अध्यापक, अभिभावक की तरफ से उसे अनिवार्य रूप से चखा जाए। जिले में कुल 2503 विद्यालयों में मध्याह्न भोजन बनता है। बच्चों को दोपहर में मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने के लिए 6604 रसोइयों की तैनाती की गई है। फिल्म दिखाने के बाद प्रधानाध्यापक-इंचार्ज प्रधानाध्यापक की ओर से कई बिंदुओं पर रसोइयों का ध्यान आकर्षित कराया जाएगा। इसमें भोजन पकाने से पहले गैस या स्टोव बर्नर एवं रेग्यूलेटर आदि की जांच करने और भोजन पकाने में एलपीजी का प्रयोग करना शामिल है। इसके साथ ही भोजन पकाने में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने और भोजन ढककर पकाने एवं पका हुआ भोजन ढक कर रखने जैसे विषय पर विशेष ध्यान देने की जानकारी दी जाएगी। उन्हें बताया जाएगा कि भोजन पकाने में आयोडीन युक्त नमक, सील बंद एवं एगमार्क तेल, मसाले का ही प्रयोग किया जाए। प्रशिक्षण में रसोइयों को यह भी बताया जाएगा कि विद्यालयों में बच्चों को भोजन परोसने से पहले उनके हाथ अवश्य धुलवाए जाएं। डायनिंग शेड अथवा विद्यालय के बरामदे में बच्चों को पंक्तिबद्ध रूप से बिठाया जाए। बैठने के लिए विद्यालय में उपलब्ध टाट पट्टी का उपयोग किया जाए। रसोई घर में रसोइयों के अलावा अन्य किसी व्यक्ति को प्रवेश न करने देने की हिदायत दी जाएगी। प्रशिक्षण के बाद रसोइया को रसोईघर में जाने से पहले क्या सावधानी बरतनी चाहिए, रसोईघर की सफाई कैसी करनी चाहिए जैसे प्रश्न पूछे जाएंगे। बीएसए उपासना रानी वर्मा ने बताया कि विकासखंड में कार्यरत सभी रसोइयों का प्रशिक्षण प्रधानाध्यापक-इंचार्ज अध्यापक के माध्यम से पूरा कराते हुए प्रशिक्षित रसोइयों की संकलित सूचना 15 नवंबर तक मध्याह्न भोजन प्राधिकरण को उपलब्ध कराई जाएगी।