जमानिया कोतवाली क्षेत्र के हेतिमपुर गांव निवासी बर्तन व्यापारी के घर से चोरों ने रविवार की रात दो लाख नकदी और ढाई लाख के आभूषण उड़ा दिए। आरोप है कि सोमवार को फरियाद लेकर पहुंचे पीड़ित की शिकायत पर चोरी की घटना पर ठोस कार्रवाई करने के बजाए कोतवाल ने भगा दिया। वहीं पुलिस कर्मियों ने मारपीट की। व्यापारी की आंख के पास गंभीर चोट आई। पीड़ित ने अब एसपी को पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है।
हेतिमपुर गांव निवासी बर्तन व्यापारी फरियादी अलख निरंजन (55) ने बताया कि देर शाम खाना खाने के बाद परिजनों के साथ सोए हुए थे। देर रात करीब एक बजे चोर घर में घुस गए और बक्सा, अटैची, तीन बैग में रखे गहना ढाई लाख के आभूषण और दो लाख रुपये के साथ मोबाइल चुरा ले गए। घटना की जानकारी होने के बाद डायल-112 पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस पहुंची और मौका मुआयना के बाद सुबह कोतवाली आने की बात कहकर चली गई। पीड़ित सुबह करीब छह बजे कोतवाली पहुंचा और घटना से संबंधित लिखित प्रार्थना पत्र दिया। मौजूद पुलिस कर्मी ने प्रार्थना पत्र लेने के बाद सुबह 10 बजे आने को कहा। इसके बाद व्यापारी अपनी पत्नी जीउती देवी के साथ कोतवाली पहुंचे। वहां पुलिस कर्मियों द्वारा पुन: प्रार्थना पत्र देने की बात कही गई। जब उन्होंने सुबह प्रार्थना पत्र देने की बात कही तो पुलिस कर्मी भड़क गए। पीड़ित ने आरोप लगाया कि दो लाख रुपये नकदी चोरी की बात सुनकर कोतवाली प्रभारी भद्दी-भद्दी गाली देने लगे और अपने कमरे से बाहर भगा दिया। बाहर निकलते ही मौजूद चार से पांच की संख्या में पुलिसकर्मी मिलकर मारने-पीटने लगे। जब पत्नी बचाने के लिए आगे बढ़ी तो उसे भी मारा-पीटा। मारने-पीटने के बाद पुलिस ने पीड़ित को कोतवाली में अपराधियों की तरह बैठा दिया और लगातार गाली-गलौज करते रहे। जब गांव के लोग पहुंचे तो वहां से बाहर निकाला। पूरी घटना कोतवाली में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद है। फरियादी ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है। बुजुर्ग ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर अपना इलाज कराया जहां से उसे गाजीपुर रेफर कर दिया गया। इस संबंध में कोतवाली प्रभारी संपूर्णानंद राय ने बताया कि चोरी की घटना का मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है। एसपी रामबदन सिंह ने बताया कि पीड़ित प्रार्थना पत्र लेकर आया था, उन्हें आश्वस्त किया गया है कि कार्रवाई होगी।