जमानिया के चितावन पट्टी में लगी आग से जली झोपड़ी।
जमानिया के किसावन पट्टी और करीमुद्दीनपुर की दलित बस्ती में मंगलवार को आग लगने से दस झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। दोनों घटनाओं में एक भैंस की झुलसने से मौत हो गई जबकि चार भैंस झुलसने से गंभीर हैं।
जमानिया संवाददाता के मुताबिक कोतवाली क्षेत्र के किसावन पट्टी गांव में मंगलवार की शाम शाम अज्ञात कारणों से आग लगने के कारण सात रिहायशी झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। सबसे पहले रामबचन यादव की झोपड़ी में आग लगी। जब तक गांव के लोग आग बुझाने का प्रयास करते तब तक अनिल यादव, अशोक यादव, खुरभारी यादव, राजकुमार यादव, दरबारी यादव और तेतरी यादव की रिहायशी झोपड़ियां भी आग की चपेट में आ गईं। दरबारी यादव के झोपड़ी में खड़ी सुनील यादव की स्कार्पियो जल नष्ट हो गई और झोपड़ी में बांधी गई भैंस और पाड़ी झुलस गई। गृहस्थी के सामान जलकर नष्ट हो गए।
दुबिहा संवाददाता के मुताबिक करीमुद्दीनपुर में गांव की दलित बस्ती में दोपहर शार्ट सर्किट की चिनगारी से तीन लोगों की रिहायशी झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। शार्ट सर्किट की चिनगारी से सबसे पहले बसंत राम की रिहायशी झोपड़ी में आग लगी। इस घटना में एक भैंस की झुलसने से मौत हो गई और एक गाय पचास प्रतिशत झुलस गई। जब तक लोग झोपड़ी की आग बुझाते उससे पहले बगल की जावन्ती देवी और मीना देवी झोपड़ियां भी आग की चपेट में आ गईं। तीनों पीड़ितों के परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। इस घटना में सभी सामान जलकर नष्ट हो गए। करीमुद्दीनपुर प्रधान के प्रतिनिधि राजेश कुमार राय मौके पर पहुंचे और राहत दिलाने का भरोसा दिया। प्रधान की सूचना पर तहसील कर्मचारियों ने पहुंचकर पूछताछ की।
उधर, मुहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के जीयनदासपुर गांव में मंगलवार की दोपहर में बिजली का तार टूट कर गिरने से खलिहान में आग लग गई। इस घटना में गेहूं के 50 बोझ जलकर खाक हो गया। मंगलवार दोपहर एक बजे तार टूटकर गेहूं के बोझ पर गिर गया जिससे बोझ में आग लग गई। ग्रामीणों ने करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया।