मरदह। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पोलियो, खसरा और गलाघोंटू को लेकर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में स्वास्थ्यकर्मियों ने भाग लिया। वक्ताओं ने कहा कि पिछले तीन माह के दौरान यदि किसी व्यक्ति को बुखार के साथ चकत्ते व लाल सूखे दाने हैं तो खसरा या रुबेला हो सकता है। ऐसे ही पिछले छह माह के दौरान 15 वर्ष तक का कोई भी बच्चा है, जिसका कोई भी अंग किसी भी कारण अचानक लूज अथवा कमजोर पड़ गया हो तो उसे भी हम रिपोर्ट करेंगे।
उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति को बुखार, गले में दर्द, टांसिल का लाल होना, खांसी व टांसिल या उसके आसपास सफेद झिल्ली होना गलाघोंटू का लक्षण हो सकता है। किसी व्यक्ति को कम से कम दो सप्ताह से खांसी हो, खांसी का लगातार आना, खांसने के बाद सांस लेने की आवाज, खांसने के बाद उल्टी होना काली खांसी का लक्षण है। इसी प्रकार कोई नवजात अगर तीन दिन से 28 दिन की आयु के बीच सामान्य रूप से मां का दूध न पी पा रहा हो या न रोना अथवा शरीर में अकड़न व कड़ापन का लक्षण हो तो यह टिटनेस का लक्षण है। इस मौके को विश्व स्वास्थ्य संगठन के जिला सर्विलांस मेडिकल आफिसर डॉ. सलीम खान, चिकित्साधिकारी डाॅ. रविरंजन, ब्लाॅक कार्यक्रम प्रबंधक प्रेमप्रकाश राय, अभिषेक द्विवेदी, रामप्रकाश चौधरी आदि मौजूद रहे।