गाजीपुर। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए विशेष सतर्कता बरती जा रही है। अब तक 450 कैदियों का स्वैब जांच के लिए वाराणसी भेजा जा चुका है। जबकि बुधवार को मेडिकल टीम ने 90 के स्वैब की सैंपलिंग की। जिला कारागार में महिला बंदी समेत 850 कैदियों की जांच कराई जाएगी। यही नहीं कोविड-19 से बचाव के लिए उन्हें जागरूक भी किया जा रहा है।
शहर के छावनी लाइन स्थित अस्थाई जेल में आने वाले प्रत्येक बंदियों का मेडिकल टीम द्वारा जांच तो की ही जाती है। साथ ही रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें फिर जिला कारागार भेजा जाता है। अब जिला कारागार के कैदियों के स्वैब की सैंपलिंग स्वास्थ्य विभाग द्वारा शुरू कर दी गई है, जिससे संक्रमण फैलने का अंदेशा न रह जाए। वर्तमान समय में जिला कारागार में 800 कैदी मौजूद हैं। इनके स्वास्थ्य की जांच से लेकर कोरोना महामारी से बचाव को लेकर कारागार प्रशासन की ओर से बेहतर कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीम द्वारा अब तक 450 बंदियों का स्वैब जांच के लिए वाराणसी भेजा जा चुका है। जबकि शेष 400 बंदियों के स्वैब की सैंपलिंग कराने के लिए मेडिकल टीम ने तैयारी शुरू कर ली है, जिससे संक्रमण से उन्हें बचाया जा सके। इस संबंध में एसीएमओ डॉ. पीके कुशवाहा ने बताया कि अब तक 450 बंदियों की जांच के लिए स्वैब वाराणसी भेजा जा चुका है। शेष के स्वैब की जल्द ही सैंपलिंग कराई जाएगी।