ठंड, ओला, पाला आदि प्राकृतिक आपदाओं से फसल की क्षति की आशंकाओं को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट हो गया है। कृषि विभाग ने कहना है कि फसल बर्बाद होने पर किसानों को 72 घंटे के अंदर क्षतिपूर्ति दावा पत्र जमा करना होगा। यह दावा पत्र हरेक विकास खंड के राजकीय कृषि बीज भंडार, उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी कार्यालय, जनपद स्तर पर जिला कृषि अधिकारी व उप कृषि निदेशक कार्यालय और तहसील स्तरीय बीमा कंपनी के प्रतिनिधि में से किसी एक के पास जमा कराया जा सकता है।
जिला कृषि अधिकारी मृत्युंजय सिंह ने कहा कि जानकारी मिलने पर संयुक्त टीम फसल क्षति का सर्वे करेगी। इसके बाद क्षतिपूर्ति देने की कार्रवाई किया जाएगा। किसानों के फसल का बीमा करने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना चल रही है। जनपद में इसके लिए एचडीएफसी इर्गो लिमिटेड कंपनी नामित है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा से फसल की क्षति की संभावना है। जिसके मद्देनजर कृषकों को अवगत कराना है कि फसल बर्बाद होती है तो वे 72 घंटे के अंदर फसल क्षतिपूर्ति प्राप्त करने के लिए दावा पत्र जमा कर दे। इसके लिए फसल बीमा कंपनी के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-889-6868 1800-2660-700 व क्राप- इंश्योरेंस ऐप के माध्यम से दावा प्रस्तुत किया जा सकता है।