गाजीपुर। जनपद में लेखपाल एक पखवारे से कार्य बहिष्कार तथा हड़ताल पर चल रहे हैं। इससे आम लोगों का कामकाज काफी प्रभावित हो गया है। जनपद में करीब 10 हजार से अधिक आय, जाति, निवास प्रमाणपत्र आदि के आवेदन लंबित पड़े हुए हैं। इसके अलावा सरकारी योजनाओं पेंशन, आवास, किसान सम्मान निधि, धान खरीद आदि में भी परेशानी हो रही है। सरकार प्राथमिकताओं वाले मुख्यमंत्री पोर्टल, थाना दिवस तथा समाधान दिवस पर आने वाली शिकायतों का निस्तारण तक नहीं हो पा रहा है। दूरदराज से आने वाले फरियादी जिला मुख्यालय, तहसील, ब्लाक या अन्य स्थानों पर भटक कर चले जा रहे है। खास बात यह है कि आला अधिकारी भी इस व्यवस्था में कोई विकल्प नहीं बना पा रहे हैं।
10 दिसंबर से ही जिले भर के लेखपाल कार्य बहिष्कार एवं धरना पर है। लेखपाल जिला मुख्यालय, तहसील तथा ब्लाक स्तर पर बैठ कर आंदोलन करते रहे बाद में जिला मुख्यालय स्थित सदर ब्लाक पर लगातार आंदोलनरत है। खास बात यह है कि यह आंदोलन पूरे प्रदेश भर में चल रहा है और प्रांतीय नेतृत्व के दिशा निर्देश का पालन किया जा रहा है। इस वजह से आंदोलन कब तक चलेगा, यह बता पाने की स्थिति में लेखपाल संघ का कोई जिलास्तरीय पदाधिकारी भी नहीं है। लेखपालों की हड़ताल की वजह से तहसीलों में खसरा, खतौनी निकालने का काम बाधित है। ऑनलाइन पोर्टल पर आय, जाति, निवास आदि के आवेदन किए जाते हैं, जिसका सत्यापन लेखपाल ही करते हैं। जिले की सातों तहसीलों में करीब 10 हजार आवेदन लंबति पड़े है। इसी प्रकार खेत में धान बुआई करने का सत्यापन नहीं हो पाने से किसानों की धान खरीद भी बाधित है। वृद्धा, निराश्रित पेंशन, आवास, शौचालय, किसान सम्मान निधि आदि योजनाओं में भी लेखपालों की रिपोर्ट की आवश्यकता पड़ती है। इस प्रकार के मामले भी बड़ी संख्या में लटके पड़े हैं। मुख्यमंत्री पोर्टल पर तथा थाना और समाधान दिवसों पर आए फरियादियों की अधिकतर समस्याओं के समाधान में लेखपाल आदि के सत्यापन की आवश्यकता होती है। जनता की शिकायतों से जुड़ी अधिकतर समस्याएं लेखपाल स्तर पर रिपोर्ट लगाई जाती है। इस हड़ताल की वजह से सभी प्रकार के काम ठप है जिससे फरियादियों को परेशानी हो रही है। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने कहा कि जनता की परेशानियों को लेकर हमें भी खेद हो रहा है लेकिन हम अपने हक की लड़ाई लड़ रहे है। प्रांतीय नेतृत्व का जो भी निर्देश आएगा उसका पालन किया जाएगा।