बिरनो। स्थानीय ग्राम सभा के तियरा गांव को जोड़ने वाली सड़क के मध्य बनी पुलिया के टूटने से करीब दस हजार की आबादी प्रभावित है। इस पुलिया को बनाने के लिए लंबे समय से ग्रामीण आवाज उठा रहे थे। लेकिन प्रशासनिक अफसरों की उदासीनता के कारण मामला ठंडे बस्ते में पड़ा रहा। इससे नाराज ग्रामीणों ने बीते मंगलवार से खुद हाथ में फावड़ा और खांची लेकर मरम्मत में जुट गए। दो दिन तक लगातार श्रमदान कर पुलिस की मरम्मत का कार्य किया। इसके बाद पुलिस से आने-जाने का रास्ता प्रारंभ हो गया है।
ग्रामीणों की माने तो बिरनो और तियरा के मध्य बनी पुुलिया से दोनों गांवों के सैकड़ों लोग प्रतिदिन आते जाते हैं। इसी पुलिया से होकर गांव के छात्र-छात्राएं, बुजुर्ग, बच्चे, महिलाएं तक आते-जाते हैं। लेकिन प्रति वर्ष बरसात का पानी लगने से मिट्टी बह जाती है। जिससे कच्ची और खड़ंजायुक्त पुलिया क्षतिग्रस्त हो जाती है। इस साल भी पुलिया क्षतिग्रस्त होने के बाद से ग्रामीण उसकी मरम्मत के लिए जनप्रतिनिधियों से लेकर आला अफसरों तक से गुहार की थी। लेकिन किसी के पहल न करने पर ग्रामीण खुद इसकी मरम्मत के लिए आगे आए। ग्राम प्रधान ने भी इस पुलिया की मरम्मत में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। ग्रामीणों की मांग है कि पुलिया और मार्ग का पक्का निर्माण कराया जाए, जिससे आम नागरिक की समस्या का स्थायी हल निकल सके। पुलिया मरम्मत करने वालों में देवेंद्र यादव उर्फ मटरू पहलवान, पूजन यादव, दीपक यादव, वीरेंद्र, अजीत, अशोक, शिवचंद्र राजभर, अयोध्या राजभर, यशवंत, सूरज, राकेश, दीपक कुमार आदि शामिल रहे।