सैदपुर विधायक अंकित भारती ने पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर सैदपुर कोतवाली पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। सात जुलाई को लिखे पत्र में उन्होंने आरोप लगाया है कि 15 जून को ब्लॉक प्रमुख हीरा यादव के साथ हुई घटना के मामले में निर्दोष और सम्मानित लोगों को अनावश्यक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
विधायक ने एसपी से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पत्र सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, वायरल पत्र की पुष्टि संवाद न्यूज एजेंसी नहीं करता है। वायरल पत्र में विधायक ने कहा है कि ब्लॉक प्रमुख हीरा यादव की तहरीर पर आठ नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि थानाध्यक्ष कुछ लोगों के इशारे पर धनउगाही की मंशा से क्षेत्र के निर्दोष लोगों को परेशान कर रहे हैं, उन्होंने पुलिस पर अमानवीय व्यवहार करने का भी आरोप लगाया है।
पत्र में विधायक ने कहा है कि विवेचक बिना पर्याप्त साक्ष्य और तकनीकी जांच के लोगों के नाम विवेचना में शामिल कर रहे हैं। जिन लोगों को आरोपी बनाया जा रहा है। विधायक ने दावा किया कि 15 जून को दोपहर दो बजे से शाम सात बजे तक वह स्वयं पार्टी पदाधिकारियों के साथ विभिन्न गांवों के भ्रमण पर थे। जिन लोगों के नाम विवेचना में शामिल किए गए हैं, उनमें से एक व्यक्ति उनके साथ मौजूद था।
विधायक ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने और किसी भी निर्दोष व्यक्ति को प्रताड़ित नहीं किए जाने की मांग की है। उधर, सैदपुर थाना प्रभारी अनिल सिंह ने कहा कि उनकी विधायक अथवा उनके पिता से कभी कोई बात नहीं हुई है। हीरा यादव प्रकरण में नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जा रही है। वहीं, एसपी डॉ. ईरज राजा ने बताया कि सैदपुर विधायक का कोई पत्र उनके पास नहीं आया है।