कासिमाबाद। थाना क्षेत्र के अवराकोल गांव के चार युवकों की थाना परिसर में पुलिस द्वारा की गई बर्बर पिटाई का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। चारों पीड़ितों ने शपथ पत्र के साथ मुख्यमंत्री एवं मानवाधिकार आयोग के साथ जिले के अधिकारियों को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। इधर एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी ग्रामीण को जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
कासिमाबाद पुलिस अपने प्रभारी निरीक्षक बलवान सिंह की तुगलकी कार्रवाई से काफी चर्चा में है। बीते 17 जुलाई को अवराकोल गांव में राजकुमार चौहान एवं रामसुख चौहान के बीच भूमि संबंधी विवाद को लेकर गाली गलौज हुआ था। इसमें एक पक्ष द्वारा गड़ासा, बल्लम, लाठी-डंडा निकालकर दूसरे पक्ष को काफी धमकाया था। इसी शिकायत पर वहां पहुंची पुलिस दोनों पक्षों को पकड़कर थाने ले आई थी। थाने आने के बाद पीड़ित रामजी चौहान, राजकुमार चौहान, कमलेश चौहान एवं हरेंद्र चौहान का आरोप है कि दूसरे पक्ष को पुलिस ने छोड़ दिया। साथ ही थाने के अंदर प्रभारी निरीक्षक, एक उप निरीक्षक एवं एक मुंशी द्वारा पेंट उतरवाकर जमीन पर लेटाकर बेंत से तब तक मारा गया, जब तक सभी की स्थिति मरणासन्न नहीं हो गई। इस बात की जानकारी होने पर भाजपा मंडल अध्यक्ष संतोष गुप्ता एवं उनके लोगों द्वारा प्रभारी निरीक्षक से काफी कहासुनी भी हुई है। इसमें प्रभारी निरीक्षक ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए कहा था कि जो चाहूंगा वही होगा। इसके बाद पुलिस ने चारों युवकों का शांति भंग में चालान कर दिया। जमानत पर छूटे चारों युवकों की भाजपा नेताओं ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मेडिकल बनवा कर प्रभारी निरीक्षक बलवान सिंह ,उप निरीक्षक लक्ष्मण यादव ,अनिल यादव के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करने के लिए क्षेत्राधिकारी कासिमाबाद को तहरीर दिया था। पुलिस ने अपने बचाव में राजकुमार चौहान द्वारा दी गई पहले की तहरीर पर रविवार की रात में रामसुख चौहान, त्रिलोकी चौहान ,अरुण चौहान, अभय चौहान पर गाली-गलौज, मारपीट करने के साथ बल्लम एवं धारदार हथियार के प्रयोग में गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर दिया। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर यही पुलिस शुक्रवार के दिन मुकदमा दर्ज कर ली होती तो पुलिस की किरकिरी नहीं होती। उधर पुलिस द्वारा पिटाई में घायल युवकों ने शपथ-पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री के साथ मानवाधिकार आयोग एवं जिले के पुलिस उच्चाधिकारियों को पत्र लिखकर मारने वाले प्रभारी निरीक्षक सहित अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करने के साथ कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में एसपी ग्रामीण अनिल कुमार झा ने बताया कि जल्द ही जांच रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक को सौंप दी जाएगी। मामला गंभीर है।