बसंत पंचमी उत्सव पारंपरिक हर्षोल्लास से मनाया गया। जिले भर में शनिवार को
वीणा वादिनी के जयकारे गूंजते रहे। जगह-जगह सजे पूजा पंडालों में वाग्देवी
की पूजन कर लोगों ने ज्ञान का वर मांगा। बच्चों का विद्यारंभ संस्कार
कराया। नए अन्न का नेवान किया गया और पीत वस्त्र धारण कर लोग घरों से
निकले।
कुछ लोगों ने मंदिरों और बुजुर्गों को अबीर-गुलाल अर्पित कर आशीष
लिया। ऋतुराज बसंत का जिले में धूमधाम से स्वागत किया गया।
स्कूलों-कालेजों और शहर में कई स्थानों पर पूजा पंडालों में देवी सरस्वती
की प्रतिमा स्थापित की गई है। उनका विधिवत पूजन किया गया।
पूजा पंडालों में
विद्यारंभ कराया गया। पूरा शहर जयकारों से गूंजता रहा। विद्या और संगीत की
देवी से लोगों ने ज्ञान और सिद्धि का वर मांगा।