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मिट्टी की जांच और बोरिंग है बाकी तय समय में कैसे बनेंगी टंकियां

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गाजीपुर। जल जीवन मिशन के तहत जनपद के गांवों में पानी टंकी निर्माण कर लोगों को पेयजल मुहैया कराना है। पिछले साल दिसंबर में अनुबंध होने के बाद 162 पानी टंकियों का निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन सात महीना बीतने को है और 20 से 30 फीसदी ही काम हो पाया है। ऐसे में कुल डेढ़ साल में परियोजना पूरी होने को लेकर संशय बरकरार है क्योंकि अभी कई साइटों पर मिट्टी की जांच और पानी के लिए बोरिंग का काम भी पूरा नहीं हो पाया है।
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जनपद में बीएसए और एलएनटी कार्यदायी संस्था के तौर पर काम कर रही है। 162 में से 89 बीएसए और 73 एलएनटी का काम है। जल निगम के अधिकारियों का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत एक से लेकर पांच करोड़ रुपये तक में पानी टंकी का कार्य होना है। गांव की आबादी के हिसाब से सवा सौ किलो लीटर, डेढ़ सौ किलो लीटर, 250 किलो लीटर, 300 किलो लीटर, 500 किलो लीटर और 600 किलो लीटर की क्षमता के पानी टंकी का निर्माण होगा। इसके साथ घर-घर पाइप लाइन बिछाकर पानी की सप्लाई की जाएगी।
ऐसे ही जनपद के सभी 16 ब्लॉकों में कुल 126 पानी टंकी के निर्माण को लेकर डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनकर तैयार है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शासन से स्वीकृति मिलते ही अनुबंध कर इनका भी काम शुरू कर दिया जाएगा। नए पानी टंकियों में ब्लॉकवार देखें तो रेवतीपुर में आठ, जमानिया में 26, मनिहारी में 20, जखनिया में 12, भांवरकोल में 13, देवकली में 25, कासिमाबाद में 16, सदर में 22, करंडा में 10, सैदपुर में 10, सादात में 16, महदह में 16, बिरनो में 17, बाराचंवर में 19, मुहम्मदाबाद में 28 और भदौरा में 11 का निर्माण किया जाएगा।
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कार्यदायी संस्था ने 5 फीसदी हाउस कनेक्शन, 30 फीसदी ट्यूबेल का किया काम
कार्यदायी संस्था बीएसए के प्रोजेक्ट मैनेजर विनोद पटेल ने बताया कि कंपनी को 115 ट्यूबवेल, 1000 किमी पाइप लाइन और 56 हजार घरों में पाइप कनेक्शन देना है। इस लिहाज से 5 फीसदी घरों में हाउस कनेक्शन, 10 फीसदी पाइप बिछाने का काम और 30 फीसदी ट्यूबवेल लगाने का काम हुआ है। कई जगहों पर पानी में आर्सेनिक, फ्लोराइड की मात्रा अधिक होने के कारण बोरिंग करने में समस्या आ रही है। इसी प्रकार राजस्व विभाग की ओर से जमीन उपलब्ध कराने और उस पर काम शुरू करने में कई तरह की अड़चन आ रही है।
पेयजल उपलब्ध कराने के लिए मिशन मोड में होना है काम
जल जीवन मिशन के तहत गांवों में घरों के साथ विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, ग्राम पंचायत भवनों, स्वास्थ्य केंद्रों, आरोग्य केंद्रों और सामुदायिक भवनों तक पेयजल उपलब्ध कराना है। सरकार की मंशा है कि यह काम साल 2024 तक पूरा कर लेना है। पानी टंकी का निर्माण कर इसको ग्राम पंचायत को सौंप दिया जाएगा। जिसका संचालन पंचायत की समिति करेगी।
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डेढ़ साल में जल जीवन मिशन के तहत पानी टंकी का निर्माण कार्य होना है। दिसंबर में 162 पानी टंकी का काम शुरू हुआ है।
शैलेंद्र कौशिक, एक्सीईएन जल निगम
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