वृद्धा पेंशन की अगली किश्त के लिए खातों को आधार से लिंक कराने का फरमान बेअसर साबित हो रहा है। अब तक जिले के 50 फीसदी से अधिक वृद्धा पेंशनरों ने पोर्टल पर आधार और मोबाइल नंबर अपलोड नहीं किया है। जिससे जून के अंत आने वाली पेंशन की अगली किस्त खातों में नहीं आएगी।
विभागीय अधिकारियों की मानें तो जिले में एक लाख पांच हजार से अधिक वृद्धा पेंशन भोगी है। जिसमे से अब तक 45278 पेंशनरों ने ही आधार और मोबाइल नंबर लिंक कराया है। सरकार की ओर से वृद्धावस्था पेंशन योजना का लाभ पाने वाले लाभार्थियों को आधार लिंक कराना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे ही जिन लाभार्थियों को नाम और मोबाइल नंबर में अपना संशोधन कराना हो तो जनसेवा केंद्र पर जाकर बदलाव करा सकते हैं।
वहीं, पेंशन के लिए एक मोबाइल नंबर का ही प्रयोग होगा, जो ओटीपी के लिए उपयोगी होगी। आधार प्रमाणीकरण और सीडिंग का कार्य पूरा होने के बाद ही संबंधित लाभार्थी को वृद्धा पेंशन की किस्त जारी की जाएगी। इसको लेकर समाज कल्याण विभाग की ओर से लगातार कवायद की जा रही है। लेकिन इसके बावजूद लोग उदासीन बने हुए है। जिला समाज कल्याण अधिकारी राम नगीना यादव ने बताया कि जिले में वृद्धा पेंशनरों की संख्या 105182 है, लेकिन अभी तक करीब 45 हजार से कुछ अधिक पेंशनरों ने ही आधार ई-केवाईसी कराया है। अभी भी 60 हजार से अधिक पेंशनरों ने आधार लिंक नहीं कराया है। इन पेंशनरों की अगली किस्त बाधित हो सकती है।