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अब तक 31 में से सिर्फ 19 छोटे गोआश्रय स्थलों का काम शुरू

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निराश्रित गोवंशों के लिए जनपद में एक वृहद और 31 छोटे गो आश्रय स्थल का काम होना है। जिसमें से सादात ब्लाक स्थित पीपनार में 300 पशुओं की क्षमता के वृहद गो आश्रय स्थल का काम इस साल अप्रैल में शुरू हो गया है। लेकिन छोटे गो आश्रय स्थलों में से सिर्फ 19 पर ही काम शुरू हो पाया है। अन्य के लिए कहीं जमीन नहीं उपलब्ध हो पाई है तो कहीं भुगतान या अन्य समस्या होने से काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
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विभाग की मानें तो करंडा और जमानिया ब्लॉक में एक-एक और अधिकांश ब्लॉकों में दो-दो 50 पशुओं की क्षमता वाले गो आश्रय स्थल पर काम चल रहा है। इसमें से सादात के टांडा, इब्राहिमपुर और नगवां के गो आश्रय स्थलों का निर्माण 80 फीसदी के करीब है। शासन की मंशा है कि इस साल दिसंबर तक सभी गो आश्रय स्थलों का काम पूरा कर लेना है। लेकिन अभी तक वृहद में 30 फीसदी ही हो पाया है। जनपद में करीमुद्दीनपुर और परजीहंपार के बाद पीपनार में तीसरा वृहद गो आश्रय स्थल का निर्माण हो रहा है। इसमें सोलर प्लेट, भूसा के लिए कमरा, कार्यालय, स्टाफ रूम समेत पानी के लिए सबमर्सेबुल की व्यवस्था होगी। वृहद के निर्माण के लिए एक करोड़ 57 लाख रुपये खर्च होना है। ऐसे ही छोटे गो आश्रय स्थलों के निर्माण पर 10 लाख रुपये खर्च होगा।
2600 निराश्रित गोवंश पशु आश्रय स्थलों में
जनपद में 2600 निराश्रित गो वंशों को पशु आश्रय स्थलों में रखा गया है। जिसके लिए शासन की ओर से 58 गोश्रय स्थल संचालित हैं। साथ ही कुछ गो वंशों को किसानों को भी सौंपा गया है। ऐसे 848 किसान हैं जो निराश्रित गो वंशों का पालन कर रहे हैं। जिनको पशु पालन विभाग की ओर से प्रति पशु 30 रुपये भुगतान किया जाता है।
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मई महीने के भूसा आदि का 23 लाख रुपये का अभी तक नहीं हुआ भुगतान
मई महीने में निराश्रित गो वंशों के भूसा और राशन पर आने वाले कुल 23 लाख रुपये का भुगतान अभी तक नहीं हुआ है। जून बीतने को है और पशुपालन विभाग की मानें तो 24 जून को लेकर जिलास्तरीय बैठक हुई है। इसके बाद पशुपालकों समेत गो आश्रय स्थलों पर गोवंशों पर आने वाले खर्च की ध नराशि का भुगतान होगा।
25 एकड़ भूमि में वृहद गो आश्रय स्थल बनाने के लिए जमीन की तलाश
साल 2022-23 में जनपद में अति वृहद गो आश्रय स्थल बनाने का शासनादेश है। जिसके लिए 25 एकड़ भूमि की आवश्यकता होगी। जिसमें दो से ढ़ाई हजार निराश्रित गोवंश की व्यवस्था की जाएगी। पशु पालन विभाग की मानें तो अति वृहद गो आश्रय स्थल के लिए जमीन की तलाश की जा रही है, लेकिन अभी तक जमीन मिली नहीं है।
निराश्रित गोवंशों की व्यवस्था के लिए जनपद में वृहद और छोटे गो आश्रय स्थलों का निर्माण अप्रैल में शुरू हुआ है। इस साल दिसंबर तक सभी का काम पूरा होना है। जहां काम नहीं शुरू हुआ है वहां भी जल्दी ही काम शुरू हो जाएगा।
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डा. एस के रावत, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी।
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