गाजीपुर। अब बिजली निगम के अभियंताओं व कर्मचारियों के आवास पर भी स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे। अब तक उपभोक्ताओं के यहां ही स्मार्ट मीटर लगाए जाने का प्रावधान था, लेकिन शासनादेश आया है कि इस व्यवस्था के दायरे में बिजली निगम के अभियंताओं व कर्मचारियों को भी लाया जाएगा।
जनपद में बिजली निगम चार खंडों में है। विद्युत वितरण खंड नगर, विद्युत वितरण खंड द्वितीय, विद्युत वितरण खंड तृतीय व चतुर्थ। इन चारों खंडों में 2000 अभियंता व कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें 1218 आउटसोर्स कर्मी हैं। बिजली निगम का दावा है कि शासन का आदेश आने के बाद 10 प्रतिशत यानी 200 कर्मचारियों के आवास पर स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। शासन के निर्देश की उपभोक्ता प्रशंसा कर रहे हैं। उनका कहना है कि इससे सभी लोग समान दायरे में आ जाएंगे। इससे पहले बिजली निगम के कर्मियों के लिए फिक्स रेट तय था, उसी के आधार पर बिजली का भुगतान होता था। लेकिन, स्मार्ट मीटर लगने पर जितना बिजली जलाएंगे, उतना भुगतान करना होगा। इन दिनों बिजली निगम लगातार नये बदलावों से गुजर रहा है। चाहे बात ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने की हो या फिर उपभोक्ता सेवाओं को डिजिटल करने का।
अब तक 20 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर लगे
गाजीपुर। जनपद में अब तक 20 हजार से अधिक स्मार्ट मीटर लग चुके हैं। वरीयता के आधार पर सबसे पहले सरकारी विभागों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। जिले के सभी प्रतिष्ठानों व घरों में स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य है। जनपद में कुल 5.31 लाख उपभोक्ता हैं। स्मार्ट मीटर लगाने की जिम्मेदारी आंध्र प्रदेश की कंपनी जीएमआर को दी गई है।
अब बिजली निगम के कर्मियों के यहां भी स्मार्ट मीटर लगेंगे। इसको लेकर शासनादेश आया है। जिले में अब तक 20 हजार स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। - बृजेश कुमार, प्रभारी अधीक्षण अभियंता