कोतवाली क्षेत्र के जौहरगंज पंप कैनाल के सामने गुरुवार की रात करीब साढ़े 12 बजे कमांडर जीप और ट्रक की आमने-सामने की टक्कर में एक ही परिवार के चार लोगों सहित छह लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। चार लोग गंभीर
रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद एक घंटा तक गाजीपुर-वाराणसी मार्ग पर आवागमन अवरुद्ध रहा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने शवों के कब्जे में लेने के साथ ही आवागमन को सुचारु कराया।
करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के गोंड़उर के सोनबरसा मठिया (छावनी) निवासी रमाकांत पांडेय की गीता पांडेय (62 वर्ष) का 15 दिनों से वाराणसी के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा था। बुधवार की शाम उनका निधन हो गया। उनका
अंतिम संस्कार बनारस में ही कतरने के लिए परिवार और पड़ोस के लोग कमांडर जीप से वाराणसी जा रहे थे। जीप रात 12 बजे सैदपुर के जौहरगंज स्थित पंप कैनाल के सामने पहुंची ही थी कि वाराणसी की तरफ से आ रहे तेज रफ्तार
ट्रक से टकरा गई। टक्कर में जीप पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई। जीप में सवार एक ही परिवार के कृष्णकांत पांडेय उर्फ चुन्नी पांडेय (48 वर्ष), अरुण कुमार पांडेय (47 वर्ष), अरुण के पुत्र श्रीशु पांडेय उर्फ शिबू (18 वर्ष), नवनीत पांडेय उर्फ
बबलू (40 वर्ष) के अलावा चालक बालेश्वर यादव (40 वर्ष) और हितेंद्र यादव (20 वर्ष) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे में सौरभ पांडेय (40 वर्ष), पंकज कुमार पांडेय (40 वर्ष), निर्मल पांडेय उर्फ मनबोध (42 वर्ष) और अनुज
यादव (38 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए। वाहनों के टक्कर की आवाज सुनकर घटनास्थल के आसपास रहने वालों की नींद टूट गई और लोग मौके पर पहुंचे। लोगों ने तत्काल घटना की सूचना पुलिस को दी। कुछ ही देर में क्षेत्राधिकारी
महेश राम गौतम, कोतवाल रामायण सिंह पुलिस कर्मियों के साथ मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने लोगों की मदद जीप में फंसे घायलों को बाहर निकलवाया और वालग्रीन अस्पताल में भर्ती कराया। गंभीर हालत को देखते हुए गुरुवार की सुबह
चिकित्सकों ने निर्मल को वाराणसी के लिए रेफर कर दिया। सुबह पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम हाउस पर विधायक सिबगतुल्लाह अंसारी सहित गांव के लोग मौजूद थे।
ठंड के चलते लोग घरों में दरवाजा बंद करके सो रहे थे। हादसा कहीं और होता तो शायद ही कोई पहुंच पाता लेकिन देवकली पंप कैनाल और सामने स्थित पावर स्टेशन के कर्मचारी जाग रहे थे। उनकी तत्परता के चलते स्थानीय कालोनी
और जौहरगंज के निवासी तुरंत मौके पर पहुंच गए। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। इससे उन्हें समय से उपचार की सुविधा मिल गई।