साहब, मेरी पत्नी की मौत मौके पर नहीं हुई थी, बल्कि वह घायल हुई थी। उसे उपचार के लिए अस्पताल लाया गया था। मगर यहां पर स्ट्रेचर पर ले जाते समय वह जमीन पर गिर गई थी, जिससे उसकी मौत हुई है।
यह आरोप त्रिलोकी चौरसिया निवासी हरदोबर, थानाक्षेत्र बांसगांव ने डीएम और एसपी के सामने लगाए। अधिकारियों के पास उनकी बातों का कोई जवाब नहीं था। वह सिर्फ उन्हें सांत्वना देते रहे।
महाकुंभ में स्नान करने के लिए त्रिलोकी चौरसिया और उनकी पत्नी सुधा देवी भी गई थीं। हादसे में सुधा देवी की मेडिकल काॅलेज अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मेडिकल काॅलेज अस्पताल में घायलों का हालचाल लेने के लिए डीएम आर्यका अखौरी और एसपी डॉ. ईरज राजा पहुंचे। वह घायलों से बात कर रहे थे। जब त्रिलोकी चौरसिया से हाल जानने की कोशिश की तो उनकी आंखों से आंसू बहने लगे। वह फूट-फूटकर रोने लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी मौके पर नहीं मरी थी, बल्कि स्ट्रेचर पर ले जाते समय वह गिर गई थी, जिससे उसकी मौत हुई। त्रिलोकी चौरसिया का करुण क्रंदन सुनकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।