शहर के पीरनगर में सड़क किनारे लगा ट्रॉली ट्रांसफॉर्मर। संवाद
गाजीपुर। शहर में कुल छह ट्रॉली ट्रांसफॉर्मर हैं। जिन स्थानों पर फुंके हुए ट्रांसफॉर्मर समय से नहीं बन पाते हैं, वहां जुगाड़ के तौर पर ट्रॉली ट्रांसफॉर्मर लगाए जाते हैं। नियमानुसार 48 घंटे बाद इनको हटा लेना चाहिए। लेकिन, शहर में कहीं एक सप्ताह तो कहीं पर 10 दिनों से सड़क किनारे ट्रॉली ट्रांसफॉर्मर लगाए गए हैं। ऐसे में सड़क पर चलने के लिए ट्रॉली ट्रांसफाॅर्मर खतरनाक बन सकते हैं।
वर्ष 2013 में शासन की ओर से बिजली निगम को छह ट्राॅली ट्रांसफॉर्मर मिले थे। बिजली निगम की ओर से तय किया गया कि शहर में जिन मोहल्लों में ट्रांसफॉर्मर फुंक जाएंगे या तकनीकी खराबी आ जाएगी, तो अस्थायी तौर पर वहां ट्राॅली ट्रांसफॉर्मर के जरिये बिजली आपूर्ति की जाएगी।
इस नई व्यवस्था का शहर के लोगों को काफी लाभ मिल रहा है। विशेष रूप से गर्मी के दिनों में। लेकिन, अब यह व्यवस्था बिजली निगम की लापरवाही की भेंट चढ़ती दिख रही है। बिजली निगम की यह लापरवाही किसी दिन हादसे का कारण बन सकती है। शहर के दो इलाकों में पीरनगर व लंका पर यह लापरवाही इन दिनों देखने को मिल रही है। लेकिन, इस संभावित खतरे की ओर अभी बिजली निगम व जिम्मेदारों का ध्यान नहीं है। शहर में करीब 40 हजार उपभोक्ता हैं। साथ ही विभिन्न क्षमता के करीब 3900 ट्रांसफॉर्मर हैं।
शहर के पीरनगर में सड़क किनारे लगा ट्रॉली ट्रांसफॉर्मर। संवाद