कड़ाके की ठंड ने जिले के लोगों को कंपकंपा दिया है। किसी ने गर्म कपड़ों
का सहारा लेकर तो किसी ने अलाव की शरण लेकर इससे राहत पाने का प्रयास किया।
पूरे दिन सर्द हवाए लोगों को झकझोरती रही। सुबह-कांपते हुए छोटे-छोटे
बच्चे स्कूल पहुंचे। मार्गों पर आवागमन करने वाले बड़ों के पांव भी ठंड से
कांपते रहे।
करीब दो सप्ताह से मौसम का मिजाज खराब है। एक तरफ
जहां छह दिनों से लगातार कोहरे का कहर जारी रहा, वहीं शनिवार को पूरे दिन
बदली छाई रही। इसी क्रम में रविवार को जिले सहित ग्रामीण क्षेत्रों में
घंटों हल्की बारिश का क्रम बना रहा। सोमवार को एक तरफ जहां पूरे दिन
भगवान
भाष्कर का दर्शन नहीं, वही देर शाम करीब 6 बज तेज बारिश हुई। बारिश होने से
ठंड के साथ ही गलन में जबरदस्त इजाफा हो गया। रात 10 बजे तक गुलजार रहने
वाली सड़कों पर 8 बजे ही सन्नाटा पसर गया। मंगलवार को बदली के बीच पूरे दिन
कोहरे का प्रभाव बना रहा।
इस दौरान सर्द हवा चलने से लोग कांपते रहे।
जैसे-जैसे शाम होती गई, वैसे-वैसे ठंड और भी मुखर होती गई। शाम की कौन कहे,
दिन में मार्गों पर वहीं लोग आवागमन करते नजर आए, जिनकी निकलना मजबूरी थी।
ठंड से सबसे ज्यादा परेशानी गृहणियों को हो हुई।
झुग्गी-झोपड़ी वालों के
लिए तो ठंड आफत के रूप में खड़ी रही। वे इससे बचाव के लिए तरह-तरह के उपाय
करते हुए ऊपर वाले की दुहाई देते हुए यह प्रार्थना करते रहे कि वे उन पर
कुछ रहम करें। सुबह ठिठुरते हुए छोटे-छोटे बच्चे स्कूल पहुंचे।