करीमुद्दीनपुर थाना क्षेत्र के पहदरिया गांव में जहूराबाद विधायक के साथ हुए कहासुनी के मामले में दूसरे पक्ष ने भी मंगलवार की देर शाम थाने में तहरीर देकर विधायक ओमप्रकाश राजभर पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
मानसपुर गांव निवासी विश्वकर्मा सिंह ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि दोपहर में भतीजा बृजेश सिंह और विवेक सिंह बाइक से चितबड़ागांव बाजार जा रहे थे। रास्ते में विधायक के वाहनों का काफिला खड़ा था। रामाशीष राजभर के दरवाजे पर बैठकर विधायक चारागाह की जमीन पर कब्जा करने की योजना बना रहे थे। इधर, वाहनों के खड़ा होने से मार्ग अवरुद्ध था। दोनों युवकों ने वहां मौजूद लोगों से वाहन हटाने के लिए कहा। इतना सुनते ही सुभासपा समर्थक उतावले होकर गाली-गलौज करने लगे। तब-तक जहूराबाद विधायक वहां पहुंचे और कायर्कर्ताओं से दोनों युवकों को मारने-पीटने के लिए कहा। देखते ही देखते करीब 50 से अधिक कार्यकर्ता वहां पहुंचे और दोनों युवकों को मारने-पीटने लगे। दोनों युवकों के शोर मचाने पर गांव के ग्रामीण घटना स्थल के तरफ दौड़ पड़े और बीच-बचाव करने लगे। इसी दौरान एक कार्यकर्ता ने तमंचा लेकर जान से मारने की नियत से फायर झोंका, लेकिन संयोग से गोली मिस कर गई। इसके बाद बीच-बचाव करके सभी लोग घर आ गए।
आरोप लगाया कि इधर विधायक पुत्र अरुण राजभर और अरविंद राजभर ने सोशल मीडिया पर फर्जी अफवाह फैलाकर अपने समर्थकों को भारी संख्या में एकत्र कर लिया जिससे गांव एवं क्षेत्र का माहौल तनावपूर्ण हो गया। उसने गुहार लगाया कि कभी भी इनके द्वारा परिवार पर हमला किया जा सकता है। जान-माल की सुरक्षा करते हुए ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इधर, सुभासपा के कार्यकर्ता की तहरीर पर पुलिस ने 25 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस दो आरोपियों को गिरफ्तार कर छानबीन में जुटी हुई है। एसपी ग्रामीण आरडी चौरसिया ने बताया कि पहदरिया गांव में विधायक की गाड़ी सड़क पर खड़ी थी। बाइक से गांव के दो युवक जा रहे थे। मार्ग अवरुद्ध होने पर युवकों ने विरोध किया। दोनों पक्षों की ओर से तहरीर मिली है। इसके आधार पर पुलिस छानबीन करने के साथ कार्रवाई में जुटी हुई है।
देर रात थानों पर डटे रहे कार्यकर्ता
गाजीपुर। करीमुद्दीनपुर थाने पर देर रात तक सुभासपा के कार्यकर्ता और भाजपा के कार्यकर्ता कार्रवाई को लेकर डटे रहे। पुलिस भी कार्यकर्ताओं की बढ़ती भीड़ को देख सकते में रही। इधर मामला बढ़ता देख मुहम्मदाबाद सीओ रविंद्र वर्मा जल्द से जल्द कार्रवाई के साथ आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन देकर मामला शांत कराया।