गाजीपुर। बाल विकास एवं पुष्टहार विभाग में फर्जीवाड़ा करके आंगनबाड़ी सहायिका की नौकरी पाने की आरोपी जमानिया तहसील क्षेत्र के टिसौरा निवासी आशा देवी का चयन निरस्त कर दिया गया है। जांच में अन्य पिछड़ा वर्ग की जगह अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी हासिल करने की पुष्टि होने पर विभाग ने यह कार्रवाई की है।
बाल विकास एवं पुष्टहार व राजस्व विभाग की संयुक्त जांच में पता चला है कि आशा देवी अन्य पिछड़ा वर्ग से है। लेकिन, उन्होंने आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती के आवेदन में अनुसूचित जाति का प्रमाणपत्र बनवाकर लगाया। इस प्रमाणपत्र पर आशा देवी का बाल विकास एवं पुष्टहार विभाग में आंगनबाड़ी सहायिका के पद पर चयन हो गया। इनके खिलाफ शिकायत आई। शिकायत के बाद बाल विकास एवं पुष्टहार व राजस्व विभाग की ओर से जांच की गई। जांच में शिकायत सही मिली। इसके बाद इनका चयन निरस्त कर दिया गया है।
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की ओर से दिसंबर 2025 में 1352 पदों पर आंगनबाड़ी सहायिका की भर्ती निकाली गई थी। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभाग में शिकायतों का अंबार लग गया। जांच में ज्यादातर शिकायतें गलत निकलीं। जबकि 12 शिकायतें सही मिलीं। 12 ऐसी आंगनबाड़ी सहायिकाएं हैं, जो फर्जी जाति, निवासी व आय का इस्तेमाल करके नौकरी पाने में कामयाब हो गई हैं।
फर्जी जाति प्रमाणपत्र के जरिये आंगनबाड़ी सहायिका की नौकरी हासिल करने वाली अभ्यर्थी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनका चयन निरस्त कर दिया गया है। - संजय सोनी, प्रभारी डीपीओ