शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत चार चरणों में कुल 4307 अभिभावकों ने प्राइवेट स्कूलों में अपने बच्चों के नामांकन के लिए आवेदन किया था। इसमें लॉटरी से 1679 बच्चों को स्कूलों का आवंटन किया गया। इन बच्चों की प्रवेश प्रक्रिया 31 मार्च तक पूरी की जानी है।
आरटीई के तहत सरकार जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को निशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराती है। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद लॉटरी के जरिये बच्चों को स्कूल का आवंटन किया जाता है। शैक्षिक सत्र 2025-26 के लिए पहले चरण में कुल 1400 आवेदन आए थे। इसमें 139 आवेदन पत्र निरस्त कर दिए गए, जबकि शेष 1261 पात्र विद्यार्थियों की लाॅटरी 24 दिसंबर को निकाली गई। इनमें 506 विद्यार्थियों को स्कूल आवंटित कर दिए गए। दूसरे चरण के लिए 1167 आवेदन पोर्टल पर हुए थे, जिनमें 945 पात्र पाए गए।
24 जनवरी को निकाली गई लाॅटरी में 505 बच्चों को स्कूल आवंटित किए गए थे। तीसरे चरण में 812 आवेदन हुए थे, जिनमें 175 आवेदन पत्र विभिन्न कारणों से निरस्त कर दिए गए थे।
शेष 637 आवेदन पत्रों को लाॅटरी में शामिल किया गया, जिनमें 375 बच्चों को स्कूल आवंटित किए गए। चौथे एवं अंतिम चरण की प्रक्रिया एक मार्च से 19 मार्च तक पूरी की गई, जिसमें 928 लोगों ने आवेदन किया था। 24 मार्च को निकाली गई लाॅटरी में 293 बच्चों को स्कूल आवंटित किए गए।