गाजीपुर। शिक्षा का अधिकार के तहत निजी स्कूलों में दाखिला लेने वाले छात्रों का ड्रॉप-आउट अब सामान्य नहीं माना जाएगा। इस पर अब बेसिक शिक्षा निदेशालय की ऑनलाइन नजर रहेगी। स्कूलों के खराब रवैये को जानने के लिए अब छात्रों की ऑनलाइन ट्रैकिंग की जाएगी। अधिकारी छात्र के स्कूल छोड़ने पर उसके परिजनों से बात करेंगे व बच्चे को पुन: प्रवेश दिलाने के साथ ही स्कूल प्रबंधन से स्पष्टीकरण तलब करेंगे।
जिले में करीब 335 निजी स्कूलों में आरटीई के तहत 1300 से अधिक दुर्बल आय वर्ग के छात्रों को दाखिला मिला है। पूर्व में आरोप लगते रहे हैं कि निजी स्कूल संचालक प्रयास करते हैं कि छात्र का दाखिला न हो पाए और सीट खाली दिखाकर दूसरा एडमीशन कर लेते हैं।बेसिक शिक्षा विभाग के सामुदायिक सहभागिता के जिला समन्वयक अमित राय ने बताया कि शासन ने आरटीई छात्रों की ऑनलाइन ट्रैकिंग कराने का निर्णय लिया है। इसके तहत स्कूल संचालकों को ड्रॉप-आउट छात्रों का विवरण ऑनलाइन देने को कहा गया है। कहीं कोई गड़बड़ी मिलती है तो उसकी जांच की जाएगी कि किस कारण से छात्र ने स्कूल छोड़ा है। यदि गलती स्कूल की पाई जाती है तो कार्रवाई की जाएगी। शासन की ओर से निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे मामलों में सख्ती दिखाई जाए ताकि किसी दुर्बल आय वर्ग के छात्र के साथ अन्याय न हो सके।