रजवारी पुल की क्षतिग्रस्त रेलिंग पर लगाया गया डेंजर टेप। संवाद
खानपुर। वाराणसी–गोरखपुर फोरलेन पर गोमती नदी पर बना करीब 65 वर्ष पुराना रजवाड़ी पुल इस समय अपनी जर्जर हालत से लोगों की परीक्षा ले रहा है। पुल की मरम्मत का काम पांचवें दिन रविवार को भी जारी रहा, लेकिन सबसे बड़ी चिंता यह रही कि मरम्मत के बीच ही यातायात भी चालू रहा। इससे कभी भी बड़े हादसे की आशंका बनी रही। पुल के बाएं हिस्से की टूटी रेलिंग को रस्सी से बांधकर किसी तरह वाहनों का आना-जाना जारी रखा गया। मौके पर स्थिति यह रही कि अगर किसी वाहन का जरा भी संतुलन बिगड़ा, तो वह सीधे नदी में गिर सकता था। स्थानीय लोगों ने बताया कि कुछ दिन पहले ही एक वाहन रेलिंग तोड़ते हुए नदी में गिरने से बाल-बाल बचा था। दरअसल, गंगा–गोमती में बाढ़ आने के दौरान पुराने पुलों को सुरक्षा कारणों से बंद कर दिया गया था, लेकिन जलस्तर घटने के बाद फिर से आवागमन बहाल कर दिया गया। अब मरम्मत कार्य शुरू होने के बावजूद रास्ता बंद न किए जाने से राहगीरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वहीं, कार्यदाई संस्था के पीएनसी के प्रोजेक्ट मैनेजर देवेंद्र पाल ने बताया कि एनएचएआई के समझौते के तहत रजवाड़ी पुल और हाईवे की मरम्मत का कार्य किया जा रहा है, जो अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मरम्मत पूरी होने तक यातायात को वैकल्पिक मार्ग से संचालित किया जाए, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सकें। संवाद