पहली बार नौ ग्रह वाटिका का स्थापना
महामंडलेश्वर भवानी नंदन यति महराज के मुताबिक पहली बार पूरे देश में सिर्फ हथियाराम मठ पर नौ ग्रह वाटिका का स्थापना वैदिक मंत्रोचार के साथ किया जाएगा। नवग्रह वाटिका के पूजन-अर्चन से लोगों को सुख और शांति कि प्राप्ती होगी। कैलाश भवन को भी काफी बेहतर तरीके से सजाया जा रहा है।
करीब 900 वर्ष पुरानी है सिद्धपीठ हथियाराम मठ की परंपरा, पीएम का परिवार भी कर चुका है दर्शन
सिद्धपीठ हथियाराम मठ की परंपरा करीब 900 साल पुरानी है। यह देश के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में से एक है। मठ की 23 शाखाएं देश के कोने-कोने में फैली हुई हैं। यहीं नहीं इसके लाखों शिष्य है।महामंडलेश्वर भवानी नंदन यति 26 पीठाधीश्वर के रूप में सिद्ध पीठ हथियाराम के गद्दी संभाले रखे हैं। उन्हें 23 फरवरी 1996 को सिद्धपीठ के 25 में पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी बाल कृष्ण यति महाराज द्वारा चुना गया था। जिन्हें बाद में जूना अखाड़े द्वारा महामंडलेश्वर उपाधि प्रदान की गई। सिद्ध पीठ हथियाराम मठ में पूर्व में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी परिवार आकर पूजा-अर्चना कर चुका है। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पांच करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट हथियाराम मठ के लिए दिया है। जिस पर तेजी से काम चल रहा है। जिला पंचायत सड़कों का भी निर्माण कर रहा है।