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Ghazipur News: 50 लाख का टैक्स बकाया, पांच साल बाद खुली नींद

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जिला पंचायत कार्यालय। संवाद
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गाजीपुर। ग्रामीण बाजारों में कारोबार कर रहे 620 व्यापारियों ने पांच वर्षों से जिला पंचायत को सीपी टैक्स (संपत्ति एवं विभव कर) जमा नहीं किया है। इन पर 50 लाख रुपये से अधिक का बकाया है। लंबे समय से टैक्स जमा नहीं करने वाले व्यापारियों को जिला पंचायत ने नोटिस जारी कर भुगतान के लिए कार्रवाई शुरू की है। जिले के 16 ब्लॉकों में बकायेदारों की सूची तैयार की गई है। इसमें जखनिया ब्लॉक सबसे ऊपर है, जबकि बिरनो में सबसे कम व्यापारी बकायेदार हैं।
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जिला पंचायत में करीब आठ हजार दुकानदार पंजीकृत हैं। नगर निकायों से बाहर ग्रामीण क्षेत्रों के बाजारों में व्यवस्थाओं के संचालन की जिम्मेदारी जिला पंचायत की होती है। इन व्यवस्थाओं को सुचारु रखने के लिए दुकानदारों से सीपी टैक्स यानी संपत्ति एवं विभव कर वसूला जाता है। इसके बावजूद 620 दुकानदारों ने पांच वर्षों से कर का भुगतान नहीं किया है। अब जिला पंचायत ने बकायेदारों का ब्योरा जुटाकर सभी को नोटिस जारी की है।
जखनिया में सबसे ज्यादा बकायेदार, बिरनो सबसे पीछे
जिला पंचायत की ओर से जारी ब्लॉकवार आंकड़ों के अनुसार, जखनिया में सर्वाधिक 94 दुकानदार बकायेदार हैं। सदर और कासिमाबाद ब्लॉक में 65-65 दुकानदारों ने टैक्स जमा नहीं किया है। जमानिया में 50, जबकि मुहम्मदाबाद, भांवरकोल और सैदपुर में 45-45 दुकानदार बकायेदार हैं। सादात में 40 और भदौरा में 35 दुकानदारों पर टैक्स बकाया है। रेवतीपुर में 27, मनिहारी में 25 और बाराचवर में 23 दुकानदार बकायेदार हैं। मरदह में 18, करंडा में 16 और देवकली में 15 दुकानदार बकायेदार हैं। सबसे कम 12 बकायेदार बिरनो ब्लॉक में हैं।
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तीन बार मिलेगा मौका, फिर होगी कार्रवाई
गाजीपुर। सीपी टैक्स भुगतान न करने के मामले में बकायेदारों से जिला पंचायत कार्यालय की ओर से तीन बार नोटिस जारी किया जाएगा। यह पहला नोटिस है। इसके तहत बकायेदारों को 15 दिन के अंदर बकाये का भुगतान करने की समयावधि दी गई है। इसके बाद 15-15 दिन का समय देते हुए दो नोटिस और जारी किया जाएगा। जब तीन नोटिस जारी करने के बाद भी बकायेदार बकाये का भुगतान नहीं करेंगे, तो उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई होगी। वहीं चार से पांच वर्षों तक 50 लाख रुपये से अधिक का बकाया होने का प्रमुख कारण जिला पंचायत क्षेत्र का बड़ा होना और इंस्पेक्टरों की कमी होना है।
नगर निकायों से बाहर ग्रामीण बाजारों से वसूला जाता है टैक्स
जिले में आठ नगर निकाय हैं। इनमें गाजीपुर, मुहम्मदाबाद और जमानिया नगर पालिका परिषद हैं, जबकि बहादुरगंज, सादात, दिलदारनगर, सैदपुर और जंगीपुर नगर पंचायत हैं। इन क्षेत्रों के बाजारों में बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने की जिम्मेदारी संबंधित नगर पालिका या नगर पंचायत की होती है। वहीं नगर निकायों से बाहर ग्रामीण बाजारों की व्यवस्थाओं के संचालन की जिम्मेदारी जिला पंचायत निभाती है। इन्हीं व्यवस्थाओं के संचालन के लिए जिला पंचायत दुकानदारों से सीपी टैक्स वसूलती है। जिला पंचायत में करीब आठ हजार दुकानदार पंजीकृत हैं।

जिले के 16 ब्लॉकों में 620 व्यापारियों को नोटिस जारी की गई है। इन पर 50 लाख रुपये से अधिक का संपत्ति एवं विभव कर बकाया है। - राजेश कुमार मालवीय, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत, गाजीपुर
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