कचहरी तिराहे पर एसपी कार्यालय के सामने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करती बेलासी गांव की महिलाएं। स्र
गाजीपुुर। करंडा थाना पुलिस पर युवक की बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगाते हुए बेलासी गांव की करीब 25 से 30 महिलाएं पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने मंगलवार को नारेबाजी करने लगी। इस दौरान उन्होंने करीब 20 मिनट तक सड़क को जाम भी कर दिया। अधिकारियों के आश्वासन पर उन्होंने जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला व पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा को संबोधित पत्रक सौंपने के बाद जाम को खत्म किया।
करंडा थानाक्षेत्र के बेलासी गांव निवासी राधिका देवी ने बताया कि, बीते 27 जून को उसके छोटे बेटे चंदन को पुलिस दुकान से उठा ले गयी। थाने ले जाकर लात और मुक्कों से उसकी बेरहमी से पिटाई कर अधमरा कर दिया। इसके बाद पति मुरलीधर बिंद को थाने बुलाकर एंबुलेंस से अधमरा पुत्र को शहर के गोराबाजार स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा, जहां डाक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए वाराणसी के बीएचयू अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। वहां भी उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। इसके साथ ही उन्होंने इसकी एक प्रति पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक और पुलिस उपमहानिरीक्षक को भी सौंपा है। वहीं, सीओ सिटी भास्कर कुमार का कहना है कि नाम के भ्रम होने से पुलिस ने उसको पूछताछ के लिए थाने लाई थी, जहां वह घबरा गया। इसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज में उपचार कराने के लिए लाया गया था। अब वह सामान्य है, लोग बेवजह मामले को तूल दे रहे है, जबकि उसके बडे़ भाई की पत्नी ने पारिवारिक वाद दाखिल किया है आरै पुलिस ने उसी मामले से संबंधित जानकारी के लिए उसे थाने लाई थी।