भगवान परशुराम की जयंती मंगलवार को समारोहपूर्वक मनाई गई। अखिल भारतीय ब्राह्मण समिति के तत्वावधान में मिश्रबाजार स्थित मैरेज हाल में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के वेदांत विभाग के अध्यक्ष प्रो. सुधाकर मिश्र ने कहा कि ब्राह्मण का तप बल था, जिससे समाज उनको आदर देता था। आतताइयों को नाश तपस्वी ब्राह्मण की कर सकता है।
उन्होंने कहा कि ब्राह्मण को कोई ऐसा कार्य नहीं करना चाहिए, जिससे वह समाज के चित में न कायम रहे। उन्हें शास्त्र का सम्मान करना चाहिए। अपनी संस्कृति, सभ्यता, चरित निर्माण, नैतिकता और मानवता को अपनाते हुए मान-सम्मान और स्वाभिमान की स्वयं रक्षा करनी चाहिए। इस मौके पर श्रीकांत पांडेय, युधिष्ठिर तिवारी, विनय दुबे, प्रेमचंद्र पांडेय, मृत्युंजय मिश्र ने विचार व्यक्त किया।
अध्यक्षता जिलाध्यक्ष त्रिभुवननाथ तिवारी और संचालन महामंत्री विजयशंकर तिवारी ने किया। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा (रा) की ओर से भगवान परशुराम की जयंती संत तुलसीदास कालोनी स्थित कामेश्वर धाम मंदिर में मनाई गई। पदाधिकारियों ने भगवान परशुराम के चित्र पर माल्यार्पण कर पूजा-अर्चना और आरती की।
इस अवसर पर महासभा के प्रवक्ता अनिल तिवारी, अध्यक्ष सुशील भारद्वाज, राष्ट्रीय सचिव सुशील उपाध्याय, विमला उपाध्याय, अनिल तिवारी, अजयशंकर तिवारी, चंद्र कुमार तिवारी, रविकांत पांडेय, अनुराग पांडेय, अजयशंकर तिवारी, बृजदेव उपाध्याय, सदानंद उपाध्याय, विनोद तिवारी, सुनील उपाध्याय आदि उपस्थित थे। बैजनाथ इंटर कालेज रौजा पर ब्राह्मण उत्थान समिति के तत्वावधान में भगवान परशुराम की जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। इस दौरान मृत्युंजय मिश्र, आलोक तिवारी, गोविंद शास्त्री, शरदचंद्र, शशांकनिधि पांडेय, सौरभ पांडेय, अजीत दुबे, पंकज उपाध्याय, सुधाकर, दिवाकर मिश्र आदि थे।