धार्मिक भावनाएं आहत करने वाले बयान और सोशल मीडिया पोस्ट बढ़ते ही जा रहे हैं। इनमें आपत्तिजनक पोस्ट सबसे अधिक किए जा रहे हैं।
बीते तीन महीनों के दौरान 21 मुकदमे दर्ज किए गए हैं, जबकि कई मामलों में आरोपी के गलती मानने पर पुलिस ने डांट-फटकार लगाकर पोस्ट डिलीट कराई। हालांकि धार्मिक भावनाओं, विशिष्टजनों और महापुरुषों को लेकर टिप्पणी करने वालों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले बयान सबसे अधिक सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म पोस्ट किए गए हैं। इनमें कुछ ऐसे भी मामले सामने आए कि पोस्ट करने वाला शख्स विदेश में रहता है।
हालांकि मामला तूल पकड़ने पर उसने उसे डिलीट कर दिया। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के दो मामलों में गाजीपुर सपा सांसद अफजाल अंसारी पर भी केस दर्ज किया गया था।
सबसे अधिक आपत्तिजनक टिप्पणी देवी-देवताओं और विशिष्ट जनों को लेकर की गई। हाल के दिनों में इस तरह के तीन मामले सामने आए। शहर कोतवाली पुलिस ने एक आरोपी को भगवान राम पर टिप्पणी कर धार्मिक भावनाएं आहत करने के मामले में गिरफ्तार किया था।
31 मार्च को भांवरकोल में एक 14 वर्षीय किशोर ने गृहमंत्री अमित शाह का फोटो अपने सोशल मीडिया एकाउंट पर अपलोड कर आपत्तिजनक स्टीकर व ऑडियो प्रसारित किया, जिसके संज्ञान में आने पर पुलिस ने पोस्ट डिलीट करवाई।
एक अप्रैल को ही माता सीता पर अभद्र टिप्पणी को लेकर एक जमानिया में मामला सामने आया। इन दोनों मामले में पोस्ट करने वाले छात्र निकले। पुलिस ने पोस्ट डिलीट करवाई।
एएसपी सिटी ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद ने बताया कि सोशल मीडिया पर पुलिस की पैनी नजर है। आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।