तुलसी सागर स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विद्यालय में बृहस्पतिवार को राखी पर्व पर भाई-बहनों को राखी बांधी गई। इस उपलक्ष्य में संस्था की मुख्य संचालिका बीके निर्मला दीदी ने सभी दूरदराज से आए भाई-बहनों को तिलक लगाकर पवित्रता की राखी बांधी। साथ ही एक वरदान कार्ड भी भेंट किया।
उन्होंने बताया कि पवित्रता का पावन पर्व राखी भारतीय संस्कृति का सबसे महत्वपूर्ण पर्व है। ये भारतीय संस्कृति को आगे रखता आया है और हमेशा रखेगा। राखी एक ऐसा पावन पर्व है जिसमें बहन अपने भाई की कलाई में राखी बांधती है, तिलक लगाती है और मुंह मीठा कराती है। साथ में भाई भी अपने बहन को कुछ भेंट देता है तथा मन ही मन प्रतिज्ञा करता है कि हम आजीवन तुम्हारी रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। लेकिन वर्तमान समय में हर मानव मात्र काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, दुख, अशांति, तनाव, भय, चिंता, ईर्ष्या, द्वेष,व्यसन आदि से असुरक्षित है। इसके चलते मनुष्य का जीवन बहुत कष्टदायक तरीके से बीत रहा है। इन्हीं परिस्थितियों से उबारने के लिए परमपिता शिव परमात्मा आकर सभी मनुष्य मात्र को पवित्रता का रक्षा कवच प्रदान करते हैं, जिसका प्रतीकात्मक पर्व हम राखी के उत्सव के रूप में मनाते। हम परमपिता परमात्मा को याद करते हैं तो उनकी याद की शक्ति से हमें पवित्रता का रक्षा कवच प्राप्त होता है, जिससे कि हमारी सभी बुराइयों से रक्षा होती है। कार्यक्रम में दीदी ने लगभग 500 भाई-बहनों को राखी बांधकर मुख मीठा कराया। इस अवसर पर बीके स्मिता, बीके संजू , बीके संध्या, अंजली, दीपा, सौम्या, गीता, शोभा, गंगाजली, दुर्गा, बालचंद, अमीरचंद, शिवमंगल, राम, रमेश, विनोद, अनिल आदि उपस्थित रहे।