राज्यसभा सांसद डाॅ. संगीता बलवंत ने सदन में सैनिकों के कल्याण एवं सुविधा के लिए सीएसडी कैंटीन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि गाजीपुर वीरों की धरती के नाम से जानी जाती है।
जहां से परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद, रामउग्रह पांडेय, माना सिंह, हरेंद्र यादव, शेषनाथ यादव जैसे अनगिनत वीरों ने जन्म लिया है। करीब 200 की संख्या में इन शहीदों की वीर नारिया निवास करती हैं। जिस गाजीपुर में सभी सेनाओं को मिलाकर 3382 वीर नारिया निवास करती हैं एवं वर्तमान सभी सेनाओं से 30026 की संख्या में सेवानिवृत्ति सैनिक निवास करते हैं। करीब 40000 की संख्या में सैनिक वर्तमान में सेवारत हैं।
वीरों की इस धरती गाजीपुर में सैनिकों के कल्याण एवं सुविधा के लिए सीएसडी कैंटीन नहीं है। यहां कैंटीन के नाम पर 39 जीटीसी वाराणसी का एक्सटेंशन काउंटर है, जो सैनिकों के लिए पर्याप्त नहीं है और सैनिकों को सामान एवं लीकर लेने के लिए 100 किलोमीटर की दूरी तय करके वाराणसी जाना पड़ता है। वृद्ध सैनिक अपना सामान लेने से वंचित रह जाते हैं।
इसके साथ ही ईसीएचएस जो सैनिकों के लिए मेडिकल सुविधा है उनके लिए भी सैनिकों को वाराणसी का रुख करना पड़ता है जो सैनिक और उनके परिवार जनों के लिए असुविधा का कारण बना हुआ है। राज्यसभा सांसद डाॅ. संगीता बलवंत ने सीडीएस कैंटीन व ईसीएचएस सुविधा युक्त हो स्थापित करने की मांग करती है।