समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्र की पुण्यतिथि पर शनिवार को सपा कार्यालय समता भवन में माल्यार्पण के बाद विचार गोष्ठी हुई। इस दौरान पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जनेश्वर मिश्र के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही लोकतंत्र की रक्षा करने, गैर बराबरी समाप्त करने और समाजवाद की विरोधी भाजपा सरकार को सत्ता से हटाने का संकल्प लिया।
गोष्ठी में जिलाध्यक्ष रामधारी यादव ने कहा कि जनेश्वर मिश्र समाजवादी आंदोलन के मजबूत स्तंभ और समाजवाद के पुरोधा थे। उन्होंने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। उनके मन में गरीब, कमजोर और पीड़ितों के लिए करुणा थी। उन्होंने अन्याय, शोषण, अत्याचार, भेदभाव, छुआछूत और पूंजीवाद के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया। वह कहा करते थे कि गरीबों के आंसू पोछना ही सच्चा समाजवाद है। वे छुआछूत को पूरे देश के लिए कलंक मानते थे। आंदोलन और संघर्ष उनके जीवन के मूल मंत्र थे। कहा कि वह सामाजिक और राजनीतिक जीवन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के पैरोकार रहे।
इस अवसर पर चौथी यादव, सदानंद यादव, अरुण कुमार श्रीवास्तव, रामलाल प्रजापति, दिनेश यादव, सिंकदर कनौजिया, संग्राम बिंद, संतोष यादव, रामाशीष यादव, हरवंश यादव, रामनगीना यादव, बैजू यादव, ग्यासुद्दीन अहमद, पवन यादव, उपेंद्र यादव, सदानंद यादव, आनंद यादव आदि उपस्थित थे। गोष्ठी का संचालन जिला उपाध्यक्ष कन्हैयालाल विश्वकर्मा ने किया।