पुलिस भर्ती में धांधली के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों तथा
अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज का विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार
को छात्रनेता विवेकानंद पांडेय के नेतृत्व में दर्जनों छात्रों ने सिटी
रेलवे स्टेशन परिसर से जुलूस निकाला। पुलिस अधीक्षक को पत्रक सौंपते हुए
लाठीचार्ज करने वाले पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही निर्दोष
छात्रों पर से मुकदमा वापस कर उन्हें रिहा करने की मांग की।
छात्रों का
जुलूस सुबह करीब 11 बजे सिटी रेलवे स्टेशन परिसर से निकला। छात्र प्रदेश
सरकार और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते लंका, सिद्धेश्वरनगर होते
हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। पुलिस अधीक्षक डा. उमेशचंद्र
श्रीवास्तव से वार्ता कर उन्हें पत्रक सौंपा।
इस मौके पर छात्रनेता
विवेकानंद पांडेय ने कहा कि निर्दोष छात्रनेता निमेष पांडेय, संदीप राय,
सचिदानंद और प्रदीप पर से मुकदमा को वापस लेकर उन्हें बिना किसी शर्त के
जेल से रिहा किया जाए। छात्रों पर लाठियां बरसाने वाले पुलिस कर्मियों के
खिलाफ कार्रवाई की जाए, जिसकी जांच एसपी सिटी को दी गई है। भर्ती घोटाले की
जांच सीबीआई से कराने के साथ ही जेल में बंद छात्र नेताओं द्वारा किए जा
रहे आमरण अनशन को ध्यान में रखते हुए तत्काल उनके स्वास्थ्य की जांच की
उचित व्यवस्था कराई जाए।
कहा कि अगर हमारी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया
गया तो दस दिन में छात्र बड़ा आंदोलन करने को विवश होंगे, जिसकी जिम्मेदारी
जिला प्रशासन की होगी। छात्रनेता मोनू सिंह ने कहा कि हमारी मांगें जायज
हैं। सत्ता पक्ष के दबाव में निर्दोष साथियों को फंसाया जा रहा है, जिसे
छात्र कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। स्वामी सहजानंद महाविद्यालय के छात्रसंघ
उपाध्यक्ष अंकित राय ने कहा कि पुलिस भर्ती में धांधली नवजवानों के भविष्य
के साथ खिलवाड़ है।
इसकी सीबीआई जांच जरूरी है। प्रतिनिधिमंडल में मनोज
सिंह यादव, दिवाकर, सत्येंद्र कुशवाहा, छोटेलाल यादव, आलोक कुमार तिवारी,
जयप्रकाश, राजेंद्र कुमार, अरविंद कुमार, कमाल, गुप्तेश्वर तिवारी, शिवम
वर्मा, हर्षित द्विवेदी, शुभम, अनिल यादव, धर्मेन्द्र, राकेश, संतोष,
रामविलास, राजू, पंकज पांडेय आदि शामिल थे। छात्र किसी प्रकार का हंगामा न
करें, इसके लिए सदर एसडीएम एके सिंह, सीओ सिटी कमलकिशोर सहित कई थानों के
एसओ, जीआरपी, आरपीएफ पुलिस अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में पुलिस कर्मी
तैनात थे।