प्रदेश के विभिन्न जिलों में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन के भंडारण के लिए गोदाम निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। निर्वाचन आयोग की ओर से संबंधित जिलों के लिए 63 करोड़ 74 लाख 16 हजार से अधिक की धनराशि आवंटित की गई है। इसके तहत गाजीपुर जिला मुख्यालय पर गोदाम-कार्यालय भवन के निर्माण के लिए एक करोड़ से ज्यादा की धनराशि उपलब्ध करा दी गई है। गोदाम का निर्माण होने से अब ईवीएम की सुरक्षा की चिंता नहीं सताएगी।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में ईवीएम भंडारण की समस्या काफी समय से बनी हुई है। कई जिलों में जर्जर भवनों में इनका भंडारण किया गया है। जिले में एक साथ लोकसभा और विधानसभा का चुनाव होने पर उपलब्ध मशीनों के भंडारण के साथ ही उसकी सुरक्षा को लेकर चिंतित निर्वाचन आयोग ने भंडारण के लिए गोदाम-कार्यालय भवन का निर्माण कराने का निर्णय लिया। इसके लिए आयोग की तरफ से संबंधित जिलों को भूमि चिह्नित कर उसका नक्शा और इस्टीमेट तैयार कर भेजने का निर्देश दिया गया।
निर्देश के क्रम में कचहरी स्थित जिला निर्वाचन कार्यालय परिसर में गोदाम निर्माण के लिए भूमि की पैैमाइश कर प्रस्ताव तैैयार कर आयोग को कुछ महीने पहले भेज दिया गया। आयोग ने प्रदेश 57 जिलों में इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों के भंडारण के लिए गोदाम-कार्यालय भवन के निर्माण के लिए 63 करोड़ 74 लाख 16 हजार 483 रुपये की धनराशि आवंटित कर दी है।
इसके तहत गाजीपुर जिले में भंडारण के लिए गोदाम का निर्माण कराने के लिए आवंटित करते हुए धनराशि उपलब्ध करा दी गई है। उपलब्ध कराई गई एक करोड़ 15 हजार की धनराशि से निर्वाचन कार्यालय परिसर में 430.68 वर्ग मीटर में भव्य गोदाम का निर्माण कराया जाएगा। आयोग के निर्देशानुसार गोदाम-वेयरहाउस में बिजली, पानी, खिड़की तथा एक से अधिक दरवाजे की व्यवस्था नहीं की जानी है। सिर्फ एक्जास्ट फैन लगाने का प्रावधान होगा। निर्माण का कार्य जल्द शुरू होने की संभावना है।