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विद्युत विभाग के निजीकरण से गरीब वर्ग की बढ़ेगी परेशानी

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गाजीपुर। विद्युत विभाग के निजीकरण के प्रस्ताव के विरोध में कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से चलाया जा रहा ध्यानाकर्षण विरोध सभा बुधवार को भी जारी रही। इस दौरान विद्युत उप केंद्र पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने कहा कि निजीकरण का प्रस्ताव कर्मचारी तथा जनता विरोधी है। इसका बहुत दूरगामी परिणाम होगा। इसे किसी भी हाल में पास नहीं करने देना है।
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जूनियर इंजीनियर संगठन के पूर्वांचल अध्यक्ष शत्रुघ्न यादव ने कहा कि कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर काफी चिंतित हैं। जब उन्होंने ज्वाइन किया था तो सरकारी विभाग में ज्वाइन किया था यह नहीं जानते थे कि आगे निजीकरण हो जाएगा। पहले प्राइवेट के कर्मचारी काम करते-करते रेग्युलर हुआ करते थे लेकिन आज रेग्युलर कर्मचारी काम करते-करते प्राइवेट हो रहा है। उन्होंने सरकार से निजीकरण का फैसला वापस लेने की अपील की। जिला संरक्षक शिवदर्शन सिंह ने कहा कि बिजली के निजीकरण होने से आम जनमानस, किसान छोटे व्यापारी एवं किसानों छोटे व्यपारियों को महंगी बिजली प्राप्त होगी जिससे आम जनमानस किसान छोटे व्यापारी एवं किसान बिजली से वंचित रह जाएंगे। अन्य वक्ताओं ने कहा कि नौ सितंबर तक ध्यानाकर्षण सभा चलेगी उसके बाद संघर्ष समिति आगे की रणनीति बनाएगी उसके बाद लगातार धरना चलेगा। बात नही बनेगी तो भूख हड़ताल होगी। उससे भी आगे बात नहीं बनी तो जेल भरो आंदोलन किया जाएगा। सभा में संयोजक निर्भय नारायण सिंह, अवर अभियंता गुड्डू चौहान, चित्रसेन प्रसाद, रवि चौरसिया, अनिल गुप्ता, सुरेंद्र, दिनेश कुशवाहा, शादाब खान, भोरिक सिंह, लालबहादुर, शिवमूरत यादव, मुन्ना सिंह, सुनील, रामदरश, उमेश चौहान, दीपक गुप्ता, मनीष राय, बृहस्पति तिवारी, तेजस, प्रेमचंद्र, अमित, हरेंद्र खरवार, मुन्नन यादव, विनय तिवारी, शिवराम सिंह, गोलू सिंह आदि उपस्थित थे।
निजीकरण के विरोध में विद्युत कर्मियों ने किया प्रदर्शन की खबर का जोड़
निजीकरण के विरोध में शनिवार को बिजली कर्मियों ने नंदगंज सब डिवीजन परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेश के अतिरिक्त महामंत्री निर्भय नारायण सिंह ने कहा कि अगर निजीकरण होता है तो आम जनता पर बिजली का बोझ बहुत अधिक पड़ेगा। विरोध प्रदर्शन में पंकज जायसवाल, रामधन राम, इंसाफ अली, प्रवीण सिंह, चंद्रहास, लक्ष्मी नारायण, मनीष सिंह मौजूद थे। अध्यक्षता सुनील श्रीवास्तव और संचालन अजय कुशवाहा ने किया। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से बिजली के निजीकरण के विरोध में दिलदारनगर में विरोध सभा आयोजित की गई। इसमें जिला संरक्षक शिवदर्शन ने कहा कि निजीकरण होने से आम उपभोक्ताओं को चार गुना बिल देना पड़ेगा। तपस कुमार ने कहा कि कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर काफी चिंतित हैं। इस मौके पर राजेंद्र यादव, मदन यादव, मुकेश कुमार, रामलखन, अनिल यादव, धनंजय कुमार, रामविलास यादव, कमलेश कुशवाहा मौजूद थे।
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