तापमान बढ़ने के साथ ही बिजली की कटौती ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है। शहरी क्षेत्र में 20 की बजाया 16 ही आपूर्ति की जा रही है। लेकिन रात की कटौती ने लोगों की नींद उड़ा दी है। राते करवट बदलते कट रही। नींद भर न सोने से लोगों की दिनचर्या पर असर पड़ रहा है।
धूप की तल्खी अब लोगों को बर्दाश्त नहीं हो रही। गर्मी से बचाव के लिए कूलर, पंखे, एसी का इस्तेमाल बढ़ गया है। ऐसे में बिजली की घंटों कटौती से लोग परेशान हो उठे हैं। रात और दिन में 12 से दो बजे तक बिजली कटौती का निर्देश है।
लेकिन कभी लोकल फाल्ट तो कहीं इमरजेंसी कटौती के नाम पर अंधाधुंध कटौती जारी है। इसके चलते जहां लोग नींद भर सो नहीं पा रहे तो वहीं पानी की समस्या से भी दो चार हो रहे। पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा है।
शिक्षणेतर कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष विवेक सिंह शम्मी ने रात की कटौती को लेकर जनता के साथ आंदोलन की चेतावनी दी है। विभागीय अधिकारियों को चेताया कि कटौती पर वह गंभीर हों अन्यथा जनता को जवाब देना महंगा पड़ जाएगा।
उधर, लोगों का कहना है कि अभियान चलाकर बिजली बिल वसूली और लोड बढ़ाने के काम में जुटे बिजली विभाग के अधिकारी राजस्व बढ़ाने के लिए दबाव तो बनाते हैं लेकिन आपूर्ति के लिए गंभीर नहीं हैं। फाल्ट की सूचना देने के घंटों बाद भी गड़बड़ी दूर नहीं की जाती।
अवर अभियंता अकबर अली ने बताया कि रात और दिन में 12 से 2 बजे तक रोस्टरिंग के तहत कटौती की जाती है। गर्मी में फाल्ट बढ़ने की वजह से कटौती करनी पड़ती है। अभी बिजली आपूर्ति का शेड्यूल पुराना ही है।