गाजीपुर। ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को विभिन्न प्रकार के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े। इसके लिए जिले में लगभग 35 हेल्थ एटीएम मशीन लगाई गई है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि सभी हेल्थ एटीएम मशीन ठीक हैं। सबका संचालन हो रहा है। लेकिन, पड़ताल में पता चला कि कहीं टेक्नीशियन नहीं है तो कहीं पर हेल्थ एटीएम मशीन खराब पड़ी हुई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति एकदम लचर है। स्वास्थ्य विभाग के तमाम दावों के बावजूद ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर में बदलाव नहीं हो पा रही है। इसकी एक बानगी हेल्थ एटीएम मशीन है। जिन जगहों पर हेल्थ एटीएम मशीन का संचालन नहीं हो रहा है, वहां के क्षेत्रीय ग्रामीण मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। सीएमओ डॉ. सुनील पांडेय ने बताया कि इसकी जांच कराई जाएगी। हेल्थ एटीएम का संचालन सुनिश्चित कराया जाएगा।
दूसरी हेल्थ एटीएम भी नहीं कर रही काम
गाजीपुर। भदौरा सीएचसी पर दिसंबर वर्ष 2022 में हेल्थ एटीएम मशीन लगी थी। इसके बाद क्षेत्रीय मरीजों में आस जगी कि उनकी विभिन्न बीमारियों की जांच निशुल्क हो सकेगी। लेकिन, तकनीकी कारणों से मशीन का संचालन नहीं हो पाया। इसके बाद दूसरी हेल्थ एटीएम मशीन लगाई गई। लेकिन, यह भी नहीं चल सकी। भदौरा के सीएचसी प्रभारी डॉ. धनंजय के अनुसार हेल्थ एटीएम मशीन बदलकर दूसरी लगाई गई, लेकिन इससे भी जांच नहीं हो पा रही है। इसके लिए उच्चाधिकारियों से पत्राचार किया गया है।
शिकायत के बाद भी हेल्थ एटीएम का लाभ नहीं मिल पा रहा है। दो वर्षों से बुखार, मलेरिया, टाइफाइड आदि की जांच के लिए मरीजों को निजी पैथालॉजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है। इसके कारण जेब ढीली करनी पड़ रही है। -मुरली कुशवाहा, पूर्व प्रधान गहमर
समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भदौरा में सुविधा बेहतर बनाने के लिए संचालित हेल्थ एटीएम खुद बीमार है। कोई जांच नहीं हो पा रही है। इसका खामियाजा मरीजों
15 से 30 किलोमीटर जाना पड़ता है दूर
मरदह। स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर टेक्नीशियन नहीं होने के कारण दो वर्ष से हेल्थ एटीएम मशीन का संचालन नहीं हो रहा है। इससे ब्लाॅक क्षेत्र के 63 गांवों के लोगों को विभिन्न जांचों के लिए निजी पैथोलॉजी पर पहुंचना पड़ रहा है। सस्ती जांच के लिए लोगों को 30 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय या फिर 15 किलोमीटर दूर मऊ जनपद जाना पड़ता है।
दो वर्षों से एटीएम मशीन अस्पताल के कमरे में शोपीस बनकर रह गई हैं। इसे चलाने के लिए टेक्नीशियन ही नहीं है। एटीएम मशीन अस्पताल पर लगाया गया ताकि मरीजों की विभिन्न प्रकार की जांच हो और तत्काल रिपोर्ट मिल सके। लेकिन, कोई लाभ नहीं मिल रहा है।-सोनू यादव, मरदह
हेल्थ एटीएम से शुगर, बीपी, टायफाइड, मलेरिया आदि की जांच निशुल्क होने की सुविधा मिलनी थी, लेकिन मशीन का संचालन नहीं होने के कारण मरीजों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। जल्द से जल्द हेल्थ एटीएम का संचालन शुरू होना चाहिए।- बृजेश सिंह, बिहरा