अपराध जगत में सिक्का जमाए जिले की छह महिलाओं पर पुलिस की पैनी नजर है। इनमें मुख्तार अंसारी की पत्नी से लेकर संरक्षित पशुओं की तस्करी में लिप्त महिलाएं तक शामिल हैं। महिला अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
शहर कोतवाली में गत 25 जनवरी की रात प्रभारी निरीक्षक दीनदयाल पांडेय ने एक पुरुष और चार महिलाओं के खिलाफ गिरोह बंद अपराध और गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की। उनकी ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे के मुताबिक शहर कोतवाली क्षेत्र के निगाहीबेग निवासी मेराज कुरैशी का एक नाजायज संगठित असामाजिक गिरोह है। मेराज कुरैशी के गैंग में उसकी पत्नी शीबा परवीन, इसी मोहल्ले की शहनाज बानो, नजमा खातून और संजीदा परवीन भी सक्रिय सदस्य हैं। ये अपने व अपने गैंग के सदस्यों के लिए संरक्षित पशुओं के वध जैसे संगीन अपराध में लिप्त हैं। तफ्तीश में यह तथ्य भी सामने आया कि पुरुष चोरी-छिपे रात में संरक्षित पशु ले आकर रात में काटकर उनके मलवे को बोरी में भरकर नदी नाले में ले जाकर फेंक देते हैं, जिससे आसपास के लोग भी नहीं जान पाते। और ये प्रतिबंधित मांस को अपने साथ ले जाकर चोरी-छिपे बेचते हैं। दूसरी ओर मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्शा अंसारी पर भी जनपद पुलिस की ओर से 50 हजार का इनाम घोषित है, जिसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए चुनौती बनी है। जबकि उनके गैंग आईएस 191 के सहयोगी व बहादुरगंज नगर पंचायत के चेयरमैन रेयाज अंसारी की पत्नी व पूर्व चेयरमैन निकहत परवीन पर भी पुलिस की नजर है, जिनके खिलाफ एक के बाद एक मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। वह इस समय जमानत पर जेल से बाहर है।