सीओ ने अब्बास अंसारी से कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 13 से 15 मई तक केवल तीन दिनों तक पैतृक आवास में रहने की अनुमति दी थी। इसके बाद यदि सुप्रीम कोर्ट या हाईकोर्ट से कोई लिखित आदेश मिला हो तो उसे प्रस्तुत करें।
इस पर अब्बास अंसारी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से मऊ में रहने पर रोक लगाई गई थी। मोहम्मदाबाद आने-जाने पर प्रतिबंध नहीं था।जिस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट से रोक लगी थी, वह मामला हाईकोर्ट में समाप्त हो चुका है।
गाजीपुर में रहने के संबंध में उन्होंने मऊ के डीएम और एसपी को पहले ही लिखित सूचना दे दी थी। इसके अलावा, गनर बदले जाने के सवाल पर अब्बास अंसारी ने बताया कि पुराने गनर की लगातार अनुपस्थिति के कारण अधिकारियों ने उसे हटा दिया था और नया गनर उपलब्ध कराया है। अब्बास ने कुछ दस्तावेज भी दिखाए।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार चित्रकूट के गैंगस्टर एक्ट के मामले में अब्बास अंसारी के मऊ में रहने पर रोक है। उन्हें गाजीपुर स्थित पैतृक आवास में सप्ताह में केवल तीन दिन रहने की अनुमति है। इसके अलावा वह लखनऊ स्थित विधायक आवास में रह सकते हैं।
चित्रकूट में प्राथमिकी दर्ज है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मऊ विधायक अब्बास अंसारी को मुहम्मदाबाद स्थित आवास पर रहने के लिए तीन दिन की अनुमति दी थी। अवधि समाप्त हो चुकी है। सूचना मिली कि वह कई दिनों से यहां रह रहे हैं। ऐसे में मऊ विधायक को नोटिस दिया गया है कि अगर न्यायालय से कोई और आदेश पत्र है तो दिखाएं। - सुधाकर पांडेय, सीओ मुहम्मदाबाद।