मौसम का मिजाज हर दिन बदल रहा है। कभी धूप तो कभी बदली और कोहरा छा रहा है। बीते गुरुवार को आधे दिन बदली और आधे दिन धूप खिलने के बाद शुक्रवार की सुबह करीब दस बजे तक लहुरीकाशी घने कोहरे में जकड़ी रही। इसके बाद खिली धूप ने लोगों को काफी राहत पहुंचाई।
कोहरे का आलम इस कदर था कि फागुन माह में माघ जैसा नजारा दिखा। कोहरे के धुंध में सड़कों पर वाहन रेंगते हुए नजर आए। हर कोई मौसम के खेल की चर्चा करता नजर आया।