ताजिया जुलूस के दौरान शनिवार की रात हुआ दो पक्षों में विवाद कुछ समय के लिए आए तूफान की तरह था जो गुजर गया। जिला व पुलिस प्रशासन की सक्रिय भूमिका और स्थानीय लोगों की सूझबूझ के चलते पचोखर में अमन चैन कायम हो गया है।
यहां की गंगा जमुनी तहजीब को कायम करने में ग्रामीणों ने अहम भूमिका निभाई। इस क्षेत्र में रोज कमाने खाने वाले और कमजोर वर्ग के लोग हैं, जो शांति चाहते हैं ताकि उनके परिवार को जीवकोपार्जन में बाधा न पैदा हो।
पचोखर में शनिवार की रात नारेबाजी को लेकर दो पक्षों में विवाद के बाद मारपीट से स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी। निष्पक्ष कार्रवाई के आश्वासन के बाद मामला शांत हो गया था और ताजिया कर्बला में ले जाया गया।
एहतियात के तौर पर प्राथमिक विद्यालय पचोखर के परिसर में पीएसी और पुलिस ने कैंप कर रखा है। मंगलवार को दिलदारनगर के हुसैनाबाद स्थित गाजी मंजिल में हुई बैठक में इंसाफवादी महाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष फरीद अहमद गाजी ने कहा कि पचोखर में ताजियादारों ने कर्बला के शहीदों के नारे लगाए थे।
पचोखर के गरीब अल्पसंख्यकों को कमजोर समझकर उन्हें फंसाने का प्रयास किया जा रहा है, जो निंदनीय है। भदौरा ब्लाक के पूर्व प्रमुख अब्दुल रशीद खान ने कहा कि पूरे प्रकरण में प्रशासन ने निष्पक्ष भूमिका निभाई।
अगर कोई बेगुनाह को फंसाने की साजिश करता है तो इसे बर्दास्त नहीं किया जाएगा। बैठक में हाजी अब्दुल गफ्फार अंसारी, अनवारुल हक खान, अकबर अंसारी, इमरान जुबैर, जावेद खान, मुजम्मिल, शमशाद, अरशद साबिर मौजूद रहे।